24 घंटे में चार घंटे मिल रही ग्रामीणों को बिजली

अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। आज के समय में बिजली आम इंसान से लेकर प्रत्येक उद्योग धंधे की जरूरत बन गयी है। अगर बिजली न हो तो छोटे से बड़े विद्युत चलित उपकरण बंद हो जाते हैं। बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह गांव से लेकर शहरों तक बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखें, परंतु राजेपुर बिजली उपकेंद्र से थोड़ी देर की बारिश में ही बिजली विभाग वाले बिजली काट देते हैं। कई जगहों पर ट्रिपिंग की शिकायतें आ रही हैं। बिजली न होने से दफ्तरों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के महिला वार्ड में इमरजेंसी में बिजली न होने से डॉक्टर व मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिन जगहों पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है वे बिजली विभाग के सितम झेलने को मजबूर हैं। लाइनमैन लाइन काटने की धमकी देता है। अगर बिजली की जानकारी चाहो तो कहता है कि बिजली बिल बकाया जमा करो तभी बिजली सही करेंगे नहीं तो साहब से मिलकर मुकदमा लिखवा देंगे। हल्की सी हवा आंधी और बारिश में बिजली काट दी जाती है। कभी कुछ देर में आ जाती है तो कभी घंटों इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में उपभोक्ताओं का कहना है कि जब बिल की बारी आती है तो विभाग थोड़ी सी भी मोहलत नहीं देता। समय पर बिल नहीं भरो तो लाइन काटने की धमकी दी जाती है। जनता की तकलीफ से विभाग को कोई सरोकार नहीं है। लाइनमैन धर्मेंद्र कुमार कहता है कि पहले कोल्ड की बिजली सही होगी इसके बाद समय मिलेगा तो गांव की बिजली चालू होगी। 4 दिन से लगातार हो रही बारिश व बूंदाबांदी से 24 घंटे में केवल 4 घंटे ही बिजली ग्रामीण क्षेत्रों में रही है। उमस भरी गर्मी में जमकर कटौती की जा रही है। कस्बा निवासी प्यारेलाल, होरीलाल, विनोद, धीरेंद्र, राजेश, कल्लू, प्रेमनाथ, हरिओम, रघुवीर, रामवीर आदि लोगों ने बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतें भी दर्ज कराई हैं, परंतु इन शिकायतों का कोई भी असर बिजली विभाग पर नहीं पड़ रहा है और आज तक राजेपुर कस्बे की विद्युत व्यवस्था ठीक नहीं की गई।

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