फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्राचीन श्री पांडेश्वर नाथ मंदिर रेलवे रोड पर प्रात: काल नैमिष एवं पांचाल घाट के स्वामी रामानंद सरस्वती एवं विद्वान पंडितों ने वेद मंत्रों से सृष्टि के देवता भगवान सूर्य का पूजन किया गया। मुख्य यजमान विशेष पाठक, अनुराग सक्सेना एवं शोभित सक्सेना, संयोजक डॉ0 रामबाबू पाठक, रामेंद्र नाथ मिश्रा ने देवी देवताओं का विधि-विधान से पूजन किया। संत जनों ने मानस सम्मेलन के शुभारंभ पर मंगला चरण के साथ आशीष वचन कहे।
डॉ0 रामबाबू पाठक ने कहा कि विगत 37 वर्षों से सम्मेलन का उद्देश्य समाज में लोक कल्याण की कामना एवं पितृपक्ष में अपने पूर्वजों का तर्पण कार्य को मानस के द्वारा कथा को माध्यम बनाया। उन्होंने कहा सूर्य ही इस संसार में प्रत्यक्ष देवता है जो हम सब को जीवनदान देते हैं, जीव के मृत्यु के पश्चात प्राणी सुर्य लोग में उसकी आत्मा जाती है, उसके लिए तर्पण को कथा का माध्यम बनाया है। उन्होंने कहा प्रथम बार श्री राम कथा को भगवान शंकर भोलेनाथ ने माता पार्वती को सुनाई थी। उसके पश्चात इस पृथ्वी पर वाल्मीकि ने रामायण की रचना की। गोस्वामी तुलसीदास ने कलयुग में श्री राम कथा को मानस के माध्यम से जीवन जीने का सनातन धर्म का ग्रंथ दिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य अपने पूर्वजों को कथा के माध्यम से याद करना तथा समाज में भावी पीढ़ी के युवाओं में भारतीय संस्कार देना, वर्तमान समय में श्री रामचरितमानस ऐसा ग्रंथ है जो जीवन जीने का आधार बताती है, उससे प्रेरणा ले, उसका अध्ययन और जीवन में अपने आचरण में उतारे। उन्होंने कहा सम्मेलन में आए हुए विद्वानों के विचारों को सुनने के लिए समय से आए और उनके विचारों को अपने जीवन में शामिल कर जीवन को सफल बनाएं। आलोक गौड़, बृजकिशोर सिंह किशोर, अशोक रस्तोगी, ज्योति स्वरूप अग्निहोत्री, सुजीत पाठक, रवि अवस्थी, अद्भुत पाठक, आदित्य, वरुण, सचिन आदि जनों ने आरती एवं प्रसाद वितरण किया।
सूर्य पूजन के साथ 37वाँ मानस सम्मेलन का हुआ शुभारंभ
