फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। नाजायज असलहों से जान से मारने की नियत से फायरिंग के मामले अपर जिला जज ईसी एक्ट न्यायधीश राकेश कुमार ने धारा 307 में गुड्ड, अन्नू को दोषी करार देते हुए 5-5 वर्ष का कारवास व 55 हजार के अर्थदण्ड से दण्डित किया। साक्ष्य के अभाव में गुल्लन, विजय कुमारी को दोष मुक्तकर दिया।
विगत 7 वर्ष पूर्व कोतवाली मोहम्मदाबाद के ग्राम बिहार निवासी प्रदीप कुमार सिंह ने पुलिस को दी गयी तहरीर में बताया कि वह 2 फरवरी 2012 की शाम को अपने दरवाजे दुकान पर था। गुड्डू पुत्र श्रीराम मां बहन की भद्दी-भद्दी गाली देने लगा। विरोध करने पर मेरे पड़ोसी अन्नू, गुल्लन, विजय कुमारी ने आकर कहा यह साले हमारे दुश्मन है इन्हें जान से मार दो। गुड्डू, अन्नू ने अपने हाथ मे तमंचा लेकर जान से मारने की निहत से गोली चला दी। शोर गुल की आवाज सुनकर राजीव उर्फ पिंटू, संतोष आ गए और पिंटू, संतोष के गोली लग गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया। विवेचक ने साक्ष्य गवाह के आधार न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता हरनाथ सिंह, अखिलेश कुमार राजपूत, श्रवण कुमार की कुशल पैरवी के आधार पर अपर जिला जज ईसी एक्ट न्यायधीश राकेश कुमार सिंह ने धारा 307 में गुड्ड, अन्नू को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष का कारवास व 55 हजार के अर्थदण्ड से दण्डित किया। साक्ष्य के अभाव में गुल्लन, विजय कुमारी को दोष मुक्तकर दिया।
हत्या के प्रयास में दो को 5-5 वर्ष का कारवास, 55 हजार जुर्माना.
