इंदौर में दूषित पानी पीने से 7 लोगों की मौत, कई लोग बीमार

समृद्धि न्यूज। इंदौर में जहरीले पानी ने सात लोगों की मौत हो गयी। भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा पाइप लाइन में लीकेज आने के चलते उसमें दूषित पानी मिल गया। दूषित पानी पीने से लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग बीमार पड़ गए हैं। मध्य प्रदेश का इंदौर शहर स्वच्छता के मामले में देशभर में मिसाल माना जाता है। लगातार आठ बार इसे देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब मिल चुका है, लेकिन इसी इंदौर में भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 7 लोगों की मौत हो गई, 66 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं और कई की हालत गंभीर बनी हुई है। करीब 2000 लोगों की आबादी वाले इस इलाके में हर तरफ चीख-पुकार और डर का माहौल है। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में उस वक्त हडक़ंप मच गया, जब दूषित पानी पीने के बाद एक-एक कर लोग उल्टी दस्त का शिकार होने लगे। मुख्यमंत्री ने इस मामले में तत्काल एक्शन लेते हुए जोनल अधिकारी और असिस्टेंट इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है। वहीं तीसरे उप यंत्री की सेवा समाप्त कर दी गई है। सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की कमेटी बनाई है। इस बीच मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये मुआवजा दैने का ऐलान किया गया है। बताया जाता है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में नर्मदा पाइप लाइन में लीकेज हो गई और उसमें शौचालय का पानी मिल गया और लोगों के घरों तक दूषित पानी पहुंच गया। इस पानी को पीकर लोग बीमार पडऩे लगे। इस बीच दर्र्जनो की संख्या में आंगनवाड़ी की महिलाओं की ड्यूटी लगाई गई है। वे घर-घर से बीमार लोगों को चिन्हित कर रही हैं।

इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पानी की टंकी से निकलने वाली मेन लाइन में एक जगह पर ड्रेनेज और सीवरेज का पानी मिल रहा था, नगर निगम की टीम ने उस स्थान को ट्रेस कर लिया है और निगम के कर्मचारी व अधिकारी उसे दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं, महापौर ने बताया कि नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग लगातार क्षेत्र में एक्टिव है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इंदौर जैसे शहर में इस तरह की घटना होना बेहद गंभीर है और इसकी नैतिक जिम्मेदारी नगर निगम की है, भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि करीब छह महीने पहले ही उन्होंने भागीरथपुरा में हेल्पलाइन पर आने वाली गंदे पानी की शिकायतों को गंभीरता से लेने और उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे।

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