समृद्धि न्यूज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी नए साल 2026 में बंगाल और असम को नई सौगात देने वाले हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहली जनवरी को बताया कि पीएम बंगाल को जल्द ही कोलकाता और गुवाहाटी के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। रेल मंत्री ने देश की पहली बुलेट ट्रेन की तारीख का भी एलान किया है। भारतीय रेलवे के इतिहास में जल्द ही एक नया अध्याय जुडऩे जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को यह जानकारी दी। रेल मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि 15 अगस्त 2027 को देश को पहली बुलेट ट्रेन मिल जाएगी। अश्विनी वैष्णव ने मजाकिया लहजे में कहा कि आप अभी से बुलेट ट्रेन की टिकट खरीद लीजिए, अगले साल बुलेट ट्रेन भी आ जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। वैष्णव ने कहा, बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 को तैयार हो जाएगी। सबसे पहले सूरत से बिलिमोरा तक का पहला सेक्शन खुलेगा। उसके बाद, वापी से सूरत तक खुलेगा। फिर वापी से अहमदाबाद तक खुलेगा और उसके बाद, ठाणे से अहमदाबाद तक खुलेगा, और फिर मुंबई से अहमदाबाद तक खुलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की पूरी टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन पूरा हो गया है। इसका पहला रूट गुवाहाटी-कोलकाता प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले दिनों में इस रूट पर पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह रेलवे के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। वैष्णव ने आगे कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को लंबी दूरी की रात की यात्राओं पर वल्र्ड.क्लास सुविधाएं, सुरक्षा और एक आधुनिक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी।
बताते चले कि अहमदाबाद के साबरमती और मुंबई के बीच बन रहा 508 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक की स्पीड से चलने वाली ट्रेनों के लिए डिज़ाइन किया गया है। एक बार पूरी तरह चालू होने के बाद, बुलेट ट्रेन पूरी दूरी 2 घंटे और 17 मिनट में तय करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पूरा कॉरिडोर चालू होने के बाद यात्रा के समय में कितना फायदा होगा। बुलेट ट्रेन चार स्टेशनों पर रुकते हुए मुंबई और अहमदाबाद के बीच की दूरी 1 घंटे 58 मिनट में तय करेगी। हालांकि, अगर यह सभी 12 स्टेशनों पर रुकती है, तो पूरी दूरी 2 घंटे और 17 मिनट में तय की जाएगी। पिछले साल नवंबर में ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की प्रगति का भी जायजा लिया था। इसके लिए पीएम मोदी सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने काम में लगे इंजीनियरों और कर्मचारियों से बातचीत भी की थी। इस प्रोजेक्ट की नींव 2017 में रखी गई थी और इसे मूल रूप से दिसंबर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, ज़मीन अधिग्रहण और दूसरी चुनौतियों के कारण हुई देरी से समय सीमा आगे बढ़ गई। हाई-स्पीड ट्रेन परियोजना देश के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को आधुनिक बनाने में एक अहम कदम है और इससे यात्रियों को तेज और सुविधाजनक सफर मिलेगा।
15 अगस्त 2027 को चलेगी पहली बुलेट ट्रेन
