नवाबगंज, समृद्धि न्यूज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज में मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं और नवजातों की सुरक्षा राम भरोसे है। शनिवार को अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता और बड़ी लापरवाही उस वक्त उजागर हुई जब अस्पताल के अति.संवेदनशील क्षेत्र यानी लेबर रूम के भीतर आवारा कुत्ते घूमते पाए गए। हैरानी की बात यह रही कि जहां एक ओर लेबर रूम में संक्रमण का खतरा बढ़ाते हुए आवारा पशु घूम रहे थे। वहीं दूसरी ओर ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स अपनी जिम्मेदारी से बेखबर दिखीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसारए स्टाफ नर्स रूम हीटर जलाकर कुर्सी पर आराम से बैठी मोबाइल चलाने में व्यस्त थी। उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी कि वार्ड के भीतर क्या हो रहा है। नियमत: लेबर रूम में संक्रमण रोकने के लिए सख्त साफ.-सफाई और बाहरी प्रवेश वर्जित होता है। जच्चा और बच्चा दोनों ही प्रसव के समय संरक्रमण के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं। ऐसे में कुत्तों का वहां पहुंचना अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और सफाई पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सीएचसी प्रभारी अधीक्षक डॉ0 गौरव राजपूत द्वारा पूर्व में कई बार स्टाफ को लापरवाही बरतने पर चेतावनी दी जा चुकी है। बावजूद स्वास्थ्य कर्मियों के व्यवहार और अस्पताल की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों का जमावड़ा रोज की बात हो गई है। जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों में हमेशा भय बना रहता है। अस्पताल जैसे सुरक्षित स्थान पर इस तरह की लापरवाही किसी बड़ेे हादसे को दावत दे सकती है। अब देखना यह है कि बार-बार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन इन लापरवाह कर्मियों पर क्या ठोस कार्रवाई करता।
भगवान भरोसे प्रसूताएं, लेबर रूम में कुत्तों का डेरा और मोबाइल में व्यस्त स्टाफ
