फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। शीतलहर के चलते जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने जिले के कक्षा ८ तक के प्राइवेट सरकारी व प्राइवेट विद्यालय बंद कर दिये हैं, लेकिन कई प्रबंधक डीएम के आदेश को न माकर विधिवत विद्यालयों को खोल रहे हैं। भीषण सर्दी में ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल जा रहे हैं। अभिभावकों ने जिलाधिकारी से ऐसे विद्यालय के प्रबंधकों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है।
बताते चलें कि इस समय हाडक़ंपाऊ सर्दी पड़ रही है। हर कोई घर से निकलने की जेहमत नहीं उठा पा रहा है। सर्दी के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को मुख्यमंत्री के आदेश का पालन करते हुए जनपद के कक्षा ८ तक के सरकारी व अद्र्ध सरकारी स्कूल १४ जनवरी तक बंद करने के आदेश जारी किये हैं। जिलाधिकारी के आदेश का अनुपालन अधिकांश विद्यालय कर रहे हैं, कुछ ऐसे विद्यालय हैं, जो जिलाधिकारी के आदेश को धता बताते हुए स्कूल खोल रहे है। जिसमें सेनापति स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य धर्मवीर द्वारा विद्यालय विधिवत रुप से खोला जा रहा है। जानकारी के अनुसार प्रधानाचार्य धर्मवीर के दो विद्यालय संचालित हैं और दोनों ही विद्यालय जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेशों के बावजूद खुल रहे हैं। जिससे न केवल प्रशासन की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहां एक ओर जिले के अधिकांश विद्यालय जिलाधिकारी के आदेशों का पालन कर बंद हैं, वहीं दूसरी ओर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में बच्चों को बुलाकर नियमित रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इससे यह सवाल उठता है कि क्या कुछ विद्यालयों के लिए प्रशासनिक आदेश अलग हैं। जब इस पूरे मामले को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। बीएसए ने आश्वासन दिया कि यदि विद्यालय खुला पाया जाता है तो खंड शिक्षा अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन अपने आदेशों की गरिमा बनाए रखने के लिए क्या सख्त कदम उठाता है या फिर ऐसे ही नियमों की अनदेखी कर विद्यालय मनमानी करते रहेंगे। अभिभावकों और आमजन में इस मामले को लेकर रोष व्याप्त है और लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
डीएम के आदेश को ताख पर रखकर खोले जा रहे प्राइवेट स्कूल
