नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के आदर्श नगर में एक मकान में सोमवार देर रात आग लगने से दिल्ली मेट्रो रेल निगम डीएमआरसी के एक असिस्टेंट सेक्शन इंजीनियर अजय विमल उनकी पत्नी नीलम और 10 साल की जान्हवी की जलकर मौत हो गई। तीनों का शव बिस्तर पर जली अवस्था में मिला है। डीएमआरसीद्ध के मुकुंदपुर स्टाफ क्वार्टर में रूम हीटर फटने से आग लग गई। इस भीषण अग्निकांड में असिस्टेंट सेक्शन इंजीनियर अजय विमल, उनकी पत्नी नीलम और 10 वर्षीय बेटी जान्हवी की मौत हो गई। तीनों के शव एक ही बिस्तर पर मिले, जिससे दम घुटने और जलने का अनुमान है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, और शुरुआती जांच में हीटर में धमाके को आग का कारण बताया जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि शार्ट सर्किट व धमाके के बाद पूरा कमरा धुएं से भर गया व तीनों बेसुध हो गए और बाद में जल गए। ऐसी स्थिति में आक्सीजन का स्तर कम हो जाता है और कार्बन मोक्नोआक्साइड गैस से दम घुटने लगता है। यही कारण है कि तीनों बिस्तर से हिल-डूल भी नहीं सके। पड़ोसी रात करीब 2:30 बजे कांच टूटने की आवाज से जाग उठे। अपनी बालकनी से उन्होंने ऊपर वाले फ्लैट से धुआं उठता देखा। वे ऊपर की ओर भागे, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण अंदर नहीं जा सके। उन्होंने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। अधिकारियों का मानना है कि परिवार की नींद में ही दम घुटने से मौत हो गई। तीनों के शव सोने की हालत में मिले और संघर्ष के कोई निशान नहीं थे। पुलिस को शक है कि कमरे में लगे हीटर-ब्लोअर से निकला जहरीला धुआं पहले फैल गया और बाद में वह फट गया, जिससे उनकी जान चली गई। फायर ब्रिगेड को परिसर में प्रवेश करने के लिए लोहे का दरवाजा, जाली और लकड़ी का दरवाजा काटना पड़ा। बंद बेडरूम के अंदर सब कुछ जलकर राख हो गया था, लेकिन आग दूसरे कमरों में नहीं फैली थी। पुलिस ने बताया कि आग लगने के समय सोसाइटी की इन-हाउस फायर फाइटिंग सिस्टम ने काम किया था।
