समाधान दिवस से लेकर अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे किसान
पानी के विना सूख रही पचासों बीघे गेहूं की फसल
हलिया (मिर्ज़ापुर): क्षेत्रीय जनता को स्थानीय स्तर त्वरित न्याय दिलाने के परिप्रेक्ष्य में शासन द्वारा संचालित समाधान दिवस व थाना दिवस महज औपचारिकता बनकर रह गया है। काफी भाग-दौड़ के बावजूद क्षेत्रीय लोगों को न्याय नहीं सुलभ हो पा रहा है। जिसके चलते लोगों को अनावश्यक भाग-दौड़,फिजूल खर्ची और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ होना पड़ रहा है। अधिकारियों की अनदेखी के चलते बबुरा भैरो दयाल स्थित बरम बाबा के तालाब इर्द-गिर्द किसानों की पचासों बीघा गेहूं की फसल सूखने के कगार पर होती जा रही है। स्थानीय राजेंद्र प्रसाद मौर्य धीरज कुमार श्याम लाल महेंद्र कुमार मौर्य धीरज प्रजापति लाल बहादुर दुर्गा प्रसाद सुबास मौर्य राम मूर्ति चौहान हरि शंकर प्रजापति समेत दर्जनों किसानों ने पिछले नौ फरवरी को संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया गया किंतु नतीजा शून्य रहा। ग्रामीणों ने आरोपित किया है कि गांव के एक व्यक्ति द्वारा क्षेत्रिय लेखपाल की मिली-भगत से मछली पालन के पट्टा करा लिया है। जब किसानों को गेहूं की फसल सींचने की जरूरत हुई तो पट्टेदार द्वारा किसानों को पानी निकालने से मना कर दिया।हालत इस कदर हो गई है कि किसानों की फसल पानी के विना मुरझाने लगी है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराकर तत्काल प्रभाव से मामले का निराकरण कराने की मांग की है।
