समृद्धि न्यूज। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। यह बजट पिछले वर्षों की तुलना में एक लाख करोड़़ रुपये ज्यादा है। बजट राज्य को दस खरब डालर अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने का रोडमैप प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के सभागार में संबोधित करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों के दौरान अपना परसेप्शन बदलने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश ने इस दौरान पॉलिसी पैरालिसिस से उभर कर परसेप्शन को बदलकर खुद को अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट के रूप में प्रस्तुत किया है, आज का यह बजट उन्हीं भावों का प्रतिनिधित्व करता है। बजट की थीम सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम, तकनीकी निवेश से समृद्ध होते उत्तर प्रदेश पर आधारित है। बजट में 1.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत परिरव्यय प्रस्तावित है, जबकि 50 से अधिक नई योजनाओं के जरिए महिलाओं, युवाओं, किसानों, उद्योग और बुनियादी ढांचे पर विशेष फोकस रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए इसे विकसित भारत के संकल्प और विजन-2047 की दिशा में निर्णायक कदम बताया। पिछले वर्षों में बजट का आकार लगातार बढ़ा है। 2017-18 में जहां बजट लगभग 3.85 लाख करोड़ था, वहीं 2026-27 में यह बढक़र 9.13 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। यानी नौ वर्षों में बजट आकार दोगुने से भी अधिक हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि नई योजनाओं के लिए बजट में प्रस्तावित की गई हैं। वहीं 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए आंवटित की गई है। परिसंपत्तियों के नवनिर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट और अर्थव्यवस्था के सुदृयीकरण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बजट का 12.4 प्रतिशत और चिकित्सा-स्वास्थ्य के लिए 6 प्रतिशत आवंटित किया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 1,023 करोड़ रुपये, कैंसर संस्थान लखनऊ के लिए 315 करोड़ रुपये, और असाध्य रोगों के इलाज के लिए 130 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 8,641 करोड़ रुपये, आयुष्मान भारत योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपयेए और आयुष सेवाओं के लिए 2,867 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा बजट में अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई हैए जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण और नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एमएसएमई और छोटे उद्योगों के लिए 3,822 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि हथकरघा और वस्त्र उद्योग के लिए 541 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए 2,059 करोड़ रुपये और उत्तर प्रदेश एआई मिशन के लिए 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
