फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। पिछड़े एवं दलित समाज के विरुद्ध (गधा) जैसे शब्द से अपमानजनक टिप्पणी करने तथा देश के प्रधानमंत्री (ओ0बी0सी0 समाज से) को जातिसूचक गाली देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही किये जाने की मांग की। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
जिसमें मांग की कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया/मीडिया के माध्यम से पिछड़े एवं दलित समाज को गधा जैसे अपमान जनक शब्दो से सम्बोधित किया गया है, साथ ही प्रधानमंत्री जो स्वयं ओबीसी समाज से आते है के विरुद्ध भी जातिसूचक एवं अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया गया है। इस प्रकार की टिप्पणियां न केवल संविधान द्वारा प्रदत्त समानता, सम्मान एवं सामाजिक न्याय के मूल सिद्धान्तों के विरुद्ध है। बल्कि समाज में नफरत, वैमनुष्यता और जातीय विद्वेष फैलाने का कार्य भी करती है। यह कृत्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम भारतीय न्याय संहिता तथा अन्य प्रासंगिक कानूनो के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसी बयानबाजी से पिछड़े, दलित एवं बंचित समाज की भावनायें आहत हुई है और सामाजिक सौहार्द को गम्भीर खतरा उत्पन्न हुआ है, यदि समय रहते कठोर कार्यवाही नहीं की गयी तो इससे कानून व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है। इस मौके पर अधिवक्ता आशुतोष कुमार, देवेन्द्र सिंह यादव, अरविन्द कुमार वर्मा, अमरजीत सिंह, संजीव कुमार, देसराज सिंह शाक्य, राहुल सिंह, मनोज कुमार सक्सेना, संदीप कुमार, शिखर सक्सेना, अखिलेश कुमार राजपूत, विकास राठौर, रामविलास, प्रदीप कुमार आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्यवाही की मांग
