फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश (ई0सी0 एक्ट) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तरुण कुमार सिंह ने अभियुक्त आकाश उर्फ यशपाल को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
शंकर पुत्र रामगुलाम निवासी कस्तूरबा स्कूल के पीछे दमदमा कायमगंज ने दर्ज कराये मुकदमे में दर्शाया था कि करीब 1.5 वर्ष पूर्व 20 जुलाई 2021 समय लगभग शाम के 06 बजे मेरे चचेरे भाई राजकुमार ने घर के जाने वाले रास्ते पर तिरपाल बांधने के लिए रस्सी बांध रखी थी। रस्सी बांधने का विरोध मेरे भाई पप्पू ने किया तथा रस्सी को मेरे भाई पप्पू ने काट दिया। इसी बात को लेकर राजकुमार व उनके लडक़े आकाश, निखिल, पत्नी संतोषी ने मेरे भाई के साथ लाठी-डण्डा व टकोरा लेकर व गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगे। भाई की शोरगुल पर मेरी भाभी किरन, भतीजा धर्मेन्द्र बचाने आये उनके साथ भी मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। तब भाई के ऊपर टकोरे से प्रहार किया। भाई जान बचाकर भागा तो उसके ऊपर टकोरे से प्रहार किया तथा घायल भाई मेरे दरवाजे के सामने गिर गया। वहां पर भी टकोरे से प्रहार किया, जिससे मेरे भाई की मृत्यु हो गयी। निखिल, आकाश, राजकुमार के हाथ में टकोरा था तथा संतोषी के हाथ में डण्डा था। इन लोगों द्वारा एक राय होकर जान से मारने की नीयत से वार किये गए। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया। बचाव पक्ष व शासकीय अधिवक्ताओं की कुशल पैरवी के आधार परविशेष न्यायाधीश (ई0सी0 एक्ट) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तरुण कुमार सिंह ने अभियुक्त आकाश उर्फ यशपाल को धारा ३०२ सपठित ३४ के आरोप में आजीवन कारावास व ३५ हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा ३०७ सपठित ३४ के आरोप में १० वर्ष का कारावास व १५ हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अभियुक्त की सभी सजाये एक साथ चलेगी। अभियुक्त द्वारा जेल में बितायी गई अवधि को सजा में समायोजित किया जायेगा।
हत्यारोपी को आजीवन कारावास, 50 हजार का जुर्माना
