समृद्धि न्यूज। गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 18 मरीजों की हालत बिगड़ गई। 9 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई, जबकि 9 की आंखें निकालनी पड़ी। इस मामले में एडीएम स्तर की जांच जारी है। गोरखपुर के न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल में 1 फरवरी को हुए मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद गंभीर सक्रमण फैल गया। मरीजों की एक-एक आंख की रोशनी चली गई और उन्हें आंख निकालनी पड़ी, जबकि पांच अन्य की हालत गंभीर है। स्वास्थ्य विभाग ने ओटी सील कर जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञों को सूडोमोनास बैक्टीरिया का संदेह है, जो स्वच्छता में कमी या उपकरणों के अनुचित स्टरलाइजेशन के कारण फैल सकता है। अस्पताल का पुराना रिकॉर्ड भी सवालों के घेरे में है। वहीं इस मामले के संज्ञान में आने के बाद एडीएम स्तर की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि यह बड़ी लापरवाही है। जांच कर रहे स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है, एडीएम स्तर पर जांच चल रही है, रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। स्वजन के मुताबिक ऑपरेशन के चार से छह घंटे के भीतर ही कई मरीजों की आंख में तेज दर्द, सूजन और मवाद की शिकायत शुरू हो गई। कुछ मरीजों को उल्टी-दस्त भी होने लगा। स्थिति बिगडऩे पर कई रोगियों को बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर करना पड़ा। पांच मरीजों को लखनऊ, पांच को दिल्ली और एक को वाराणसी भेजा गया। मामला एक फरवरी का है, सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में कैंप लगा था। यहां पर 30 मरीजों की आंखों में मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के 24 घंटे में ही मरीजों की हालत बिगडऩे लगी, 18 मरीजों की आंखों में इंफेक्शन हो गया था, जिनका इलाज लखनऊ, वाराणसी और दिल्ली के सुपर स्पेशलिस्ट अस्पतालों में चल रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की कल्चर रिपोर्ट में इंफेक्शन की बात सामने आई है। यह मामला सामने आने के बाद जिन डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया है, उनके खिलाफ मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। वहीं प्रशासन ने सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हॉस्पिटल के नेत्र विभाग को सील कर दिया है। मरीजों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं, जांच में मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट को भी बतौर सबूत शामिल किया गया है। वहीं जांच टीम ने मरीजों का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों के बयान भी दर्ज किए हैं। जिन मरीजों की आंख निकाली जा चुकी है, उनमें देवराजी देवी, अर्जुन सिंह, शंकरावती, जयराम, शेखा देवी, दीनानाथ, रामदरशए मीरा देवी, बहाउद्दीन, रणजीत के नाम शामिल है। वहीं इस मामले में सीएमओ डॉक्टर राजेश झा ने बताया कि यह बड़ी लापरवाही है, स्वास्थ्य विभाग की कल्चर रिपोर्ट में भी बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है।
