समृद्धि न्यूज। दिल्ली में आयोजित एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के रोबोट ओरायन को लेकर झूठे दावों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूनिवर्सिटी की फजीहत हुई। अब यूनिवर्सिटी ने इस मामले में माफी मांगी है। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने बयान जारी कर कहा कि पवेलियन में मौजूद एक प्रतिनिधि ने गलत जानकारी दी थी। उन्हें प्रोडक्ट के टेक्निकल ओरिजिन के बारे में पता नहीं था। राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में चल रही एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा ले रही गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवादों में आ गई। विवाद यूनिवर्सिटी की एक प्रतिनिधि की तरफ से एक रोबोट को लेकर दी गई जानकारी से शुरू हुआ। अब इस बारे में यूनिवर्सिटी ने बयान जारी कर रूख स्पष्ट करने की कोशिश की है। गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में प्रदर्शित एक रोबोट को लेकर उठे विवाद पर सफाई देते हुए माफी मांगी है। इस विवाद को लेकर यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि पवेलियन पर मौजूद हमारी एक प्रतिनिधि को उत्पाद की तकनीकी उत्पत्ति के बारे में जानकारी नहीं थी। इस मामले में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेके्रटरी एस0 कृष्णन ने कहा, सरकार नहीं चाहती कि कोई भी ऐसी वस्तुओं का प्रदर्शन करे जो उसकी अपनी न हों, बता दें किये विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने डीडी न्यूज को ओरियन नामक एक रोबोटिक डॉग को दिखाते हुए कहा था कि इसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस ने बयाना है। जिसे चीन की यूनिट्री रोबोटिक्स द्वारा बनाया गया है। बताया जाता है कि इस विवाद के बाद सरकार ने यूनिवर्सिटी से एआई समिट में अपनी जगह खाली करने को भी कह दिया।
एआई समिट: रोबो डॉग विवाद पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी की सफाई
