कहा-अब ये बच्चे अनाथ नहीं, हमारे भाई-बहन
अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। कस्बा अमृतपुर में बीते दिनों घटी एक दर्दनाक घटना ने क्षेत्रवासियों को झकझोर कर रख दिया। कस्बा निवासी कुसुमलता अपने चार बच्चों का पालन-पोषण मजदूरी करके कर रही थीं। उनके पति की लगभग पांच वर्ष पूर्व एक सडक़ दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी थी, जिसके बाद से परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी।
21 फरवरी को फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर एक बाइक सवार ने कुसुमलता को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों द्वारा उनका उपचार कराया जा रहा था, लेकिन 27 फरवरी को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मृत्यु से चारों बच्चे अनाथ हो गए और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
घटना की जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव व अमृतपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी डॉ0 जितेंद्र सिंह यादव पीडि़त परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने बच्चों और परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि आज से ये बच्चे अनाथ नहीं हैं, बल्कि हमारे भाई-बहन हैं।
प्रदेश सचिव ने होली के अवसर पर आर्थिक सहायता प्रदान की तथा बच्चों की आगे की पढ़ाई अपने विद्यालय में नि:शुल्क कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बच्चे चाहें तो उनके आवासीय विद्यालय में रहकर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, जिसका संपूर्णम खर्च वह स्वयं वहन करेंगे। इतना ही नहीं, उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्हें अपने संस्थान में रोजगार देने का भी वादा किया।
इस दौरान उन्होंने क्षेत्रवासियों से आगामी होली पर्व को आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाने की अपील की। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं प्रदेश सचिव की पहल से पीडि़त परिवार को कुछ राहत और सहारा मिलने की उम्मीद जगी है।
अनाथ बच्चों के आंसू पोंछने पहुंचे सपा प्रदेश सचिव डा0 जितेन्द्र सिंह यादव
