सैफई : समाजवादी पार्टी का गढ़ सैफई बुधवार को फिर समाजवादी रंग में डूबा नजर आया। गांव की गलियों से लेकर आयोजन स्थल तक लाल और हरे झंडों की छटा दिखाई दी। अवसर परंपरागत फूलों की होली का था, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने परिवार सहित हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ पुष्प वर्षा के बीच होली खेलकर शुभकामनाएं दीं। मंच से फाग की स्वर लहरियां गूंजती रहीं और पूरा वातावरण लोक संस्कृति की मिठास से सराबोर रहा।
फूलों की होली की परंपरा लगभग तीन दशक पूर्व समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने शुरू कराई थी। दूर-दराज से आने वाले समर्थकों से आत्मीय मिलन को यादगार बनाने के उद्देश्य से यह आयोजन प्रारंभ हुआ और तब से निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मुलायम सिंह यादव सैफई की होली को विशेष महत्व देते थे। उनके संबोधन कार्यकर्ताओं में उत्साह भर देते थे और देश-प्रदेश के लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को सांस्कृतिक गरिमा मिलती थी।
इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, सांसद डिंपल यादव, सांसद धर्मेंद्र यादव, सांसद आदित्य यादव, विधायक तेज प्रताप यादव सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन को राजनीतिक दृष्टि से भी अहम बना दिया।
इटावा, मैनपुरी, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद और फिरोजाबाद सहित विभिन्न जनपदों से पहुंचे समर्थकों ने अपने नेताओं से मिलकर फूल बरसाए। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पारंपरिक ढोलक और मंजीरे की थाप पर ब्रज तथा अवध अंचल के कलाकारों ने फाग प्रस्तुत किए, जिन पर कार्यकर्ता झूमते नजर आए।
कार्यक्रम के दौरान उत्साह में आगे बढ़ रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शिवपाल सिंह यादव ने स्वयं माइक संभाला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है। 2027 में सरकार बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब संगठन मजबूत और संयमित रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि बिना संकेत कोई कदम न उठाएं और जनता के बीच किसी प्रकार की धमकी या अव्यवस्था फैलाने वाला व्यक्ति संगठन का प्रतिनिधि नहीं माना जाएगा।
सैफई में समाजवादी रंग की गूंज, अखिलेश यादव ने खेली फूलों की होली, परंपरागत फाग गायन से सजा मंच
