एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत १० दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान दिया जायेगा मानदेय
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रदेश सरकार द्वारा परम्परागत कारीगरों एवं दस्तकारों के विकास हेतु विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना संचालित की है। जनपद में द्वितीय चरण इस योजना के अन्तर्गत पारम्परिक टे्रडों, टोकरी बुनकर, सुनार, मोची, कुम्हार, बढ़ई, लोहार, राजमिस्त्री, हलवाई, नाई, दर्जी में ६ दिवसीय आवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा।
उपायुक्त उद्योग अशोक कुमार उपाध्यय ने बताया कि योजना पारंपरिक कारीगरों बढ़ई, कुम्हार, राजमिस्त्री एवं हस्तशिल्पियों के जीवन स्तर में बदलाव लाएगा। प्रशिक्षण के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष होनी चाहिए। आवेदन उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए। आवेदन 25 जुलाई तक आनलाइन किया जा सकता है। वहीं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित एक जनपद एक उत्पाद के अन्तर्गत जनपद हेतु चयनित उत्पाद ब्लाक प्रिटिंग एवं जरदोजी में १० दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण अवधि का निर्धारित मानदेय भुगतान किया जायेगा। इसके उपरान्त टूल किट भी वितरित की जायेगी।
