माध्यमिक विद्यालयों में पाठ्यक्रम पढ़ाने में अब नहीं चलेगी गुरुजी की मनमर्जी

डे-बाई-डे पढ़ाने का कोर्स निर्धारण कर रही सरकार, अगले सत्र से लागू होगी व्यवस्था (निशीत सक्सेना) फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालय शिक्षक अब अपनी मर्जी से पाठ्यक्रम नहीं पढ़ा सकेंगे। शिक्षकों की जिस दिन जितना मन हुआ उतना ही पढ़ा देने की व्यवस्था आगामी शैक्षिक सत्र से सरकार खत्म करने जा रही है। विद्यालयों में नयी व्यवस्था के अनुसार शिक्षक को किस दिन कितना पाठ्यक्रम पढ़ाना है, यह सब पहले से ही निर्धारित कर दिया जायेगा। इसके लिए शिक्षक संदर्शिका (गाइड लाइन) का निर्माण किया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनन्द की योजना और निर्देश पर संदर्शिका का निर्माण इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन एजूकेशन प्रयागराज कर रहा है। इसमें प्रतिदिन (डे-बाई-डे) पढ़ाने को अध्याय निर्धारित करने के साथ पढ़ाई के तरीके का भी समोवश किया जा रहा है। शिक्षकों के लिए तैयार हो रही संदर्शिका में अलग-अलग विषय और कक्षाओं हेतु निर्धारित पाठ्य पुस्तक के आधार पर समय सारिणी बनायी जा रही है। कक्षा ९ एवं १० के लिए अंगे्रजी, गणित व विज्ञान विषय की संदर्शिका का प्रारुप तैयार कर लिया गया है। गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान इसी प्रकार कक्षा ११ एवं १२ के लिए अंगे्रजी विषय की शिक्षक संदर्शिका तैयार करने का कार्य प्रगति पर है। सूत्रों के अनुसार अगले शैक्षिक सत्र २०२४-२५ से छात्रों के पढ़ाने की यह नई व्यवस्था लागू होगी। परन्तु इससे संबंधित संदर्शिका मौजूदा शिक्षा सत्र के अंत तक विद्यालय में पहुंचा दी जायेगी। राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका आदेश गंगवार, म्युनिसिपल इंटर कालेज के प्रधानाचार्य ले0 गिरिजा शंकर एवं शिक्षक संघ के पूर्व संयुक्त मंत्री कैमिस्ट्री के प्रवक्ता मयंक रस्तोगी ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि शिक्षक संदर्शिका के अनुसार विद्यार्थियों को पढ़ाने पर कोर्स समय से पूरा हो सकेगा। अभी तक बिना किसी निर्धारित समय सीमा के पढ़ाने पर अवसर विद्यार्थियों का कोर्स पूरा नहीं हो पाता था। सरकार की इस व्यवस्था से छात्र-छात्राओं का फायदा होगा। ———————-

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