साक्ष्य के अभाव में तीन लोगों को किया गया बरी……
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। हत्या के मामले सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दलगंजन सिंह के पुत्र राजू उर्फ राजेश, व भतीजे संजू उर्फ संजीव निवासी नादौरा मेरापुर व उनके गनर लक्ष्मीं नरायण निवासी खरपुरी बसेहर इटावा, सूरजपाल निवासी कोटा इटावा को अपर जिला जज द्वितीय न्यायधीश महेंद्र सिंह ने हत्या के मामले में दोष सिद्ध करार दिया और सजा के बिंदु पर 4 फरवरी को सुनवाई की तिथि नियत की है।
17 वर्ष पूर्व थाना मेरापुर के क्षेत्र नादौरा निवासी प्रभु सिंह पुत्र जनन्नाथ ने पुलिस को दी तहरीर में दर्शाया था कि 24 दिसम्बर 2005 को मेरा भतीजा केशव सिंह उर्फ घासीराम पुत्र मिलाप सिंह, दिनेश, पदम सिंह अन्य परिजन गेंहू के खेत में पानी लगा रहे थे। खेत में मेरी पत्नी खाना लेकर गयी हुई थी। पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही राजू उर्फ राजेश, संजू, दलगंजन, उदयप्रताप उर्फ भोला, बालकराम, रघुवीर उर्फ बंगाली निवासी नादौरा, लक्ष्मीनरायण, सूरजपाल निवासी इटावा सभी लोगों ने एक राय होकर जान से मारने की नियत से फायरिंग शुरू कर दी। केशव सिंह भागने लगा, यह लोग पीछा करते रहे। केशव ने जाकर एक कमरे में गेट बंद कर लिया। तब दलगंजन सिंह के सुरक्षकर्मी ने कहा कि मैं पुलिस हूं। जिस पर केशव ने गेट खोल दिया और इन लोगो ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिससे केशव की मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार मामला दर्ज कर लिया था। विवेचक ने साक्ष्य गवाह के आधार न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता अशोक कटियार व अनुज प्रताप सिंह की कुशल पैरवी के आधार पर अपर जिला जज द्वितीय महेंद्र सिंह ने राजू प्रधानपति, संजू, सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी लक्ष्मीनारायण, सूरजपाल को हत्या के मामले में दोषी करार दिया। इनकी सजा के बिंदु पर सुनवाई ४ फरवरी को होगी।
साक्ष्य के अभाव से सपा नेता उदयप्रताप उर्फ भोला , सहकारी समिति से सेवानिवृत्त बालकराम, मंडी समिति से सेवानिवृत्त रघुवीर को दोष मुक्त कर दिया। मुकदमा विचाराधीन के दौरान सपा पूर्व जिलाध्यक्ष दलगंजन सिंह की मृत्यु हो गयी थी|

