48 साल से शिव मंदिर में पड़े ताले को खुलवाने के लिए हिन्दूवादी नेताओं ने दिया धरना

कई घंटे विरोध के बाद स्वयं पूजा करने की बात पर सहमत हुए जमीन मालिक 1975 में बनवाया गया था शिव भक्तों के लिए मंदिर पूजा न हुई तो करेंगे बड़ा आंदोलन

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। वर्षों से शिव मंदिर में लगे ताले को खुलवाने के लिए हिन्दूवादी नेताओं ने यातायात अवरुद्ध कर जमकर हंगामा किया और मांग रखी कि सावन के महीने में भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खोले जाये। जिससे लोग पूजा अर्चना कर सके। सूचना मिलते ही थाना कादरीगेट, शहर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गये। उनके समझाने पर हिन्दूवादी नेता मुख्य मार्ग से हटकर मंदिर के द्वार पर धरने पर बैठ गये। जैसे ही जानकारी मिली क्षेत्राधिकारी भी पहुंच गये। जानकारी के अनुसार थाना कादरीगेट के क्षेत्र बढ़पुर शीतला माता मंदिर के समीप मंदिर बना हुआ है जिसमें भगवान भोलेनाथ ब्राजमान है। मुख्य द्वार पर लगे चैनल गेट पर ताला पड़ा होने के कारण जो भक्त पूजा अर्चना करना चाहते वह अंदर प्रवेश नहीं कर पाते। इस बजह से मंदिर में रात के समय अंधेरा बना रहता है। हिन्दू महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष विमलेश मिश्रा को इस संदर्भ में उनके जिलाध्यक्ष क्रांति पाठक ने जानकारी दी तो वह अपने ेकार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंच गये। इस दौरान कई और भी हिन्दूवादी नेता भी वहां पहुंच गये और मंदिर के सामने मुख्य द्वार पर खड़े होकर हर-हर महादेव के जयकारे लगाने लगे और मांग की कि सावन के महीने में सभी भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खोले जाये। भगवान भोलेनाथ को कोई भी बंधक बनाकर नहीं रख सकता है। इस दौरान यातायात अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलते ही कादरीगेट थानाध्यक्ष विनोद शुक्ला, शहर कोतवाल अनिल चौबे, आवास विकास चौकी इंचार्ज स्वदेश कुमार पुलिस बल के साथ पहुंच गये। उनके समझाने पर विमलेश मिश्रा अपने समर्थकों के साथ मुख्य मार्ग से हटकर मंदिर की सीढिय़ों पर बैठकर विरोध शुरु कर दिया। कुछ देर में क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार भी पहुंच गये और इस दौरान विरोध प्रदर्शन कर रहे हिन्दूवादी नेताओं से वार्ता कर उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। पुलिस के कहने पर जिस भूमि पर मंदिर बना है उसके स्वामी अखिलेश गंगवार मंदिर स्थल पर पहुंचे। विरोध कर रहे नेताओं को बताया कि वह उनकी निजी भूमि पर है और १९७५ में उनके पिता स्व0 महावीर सिंह गंगवार ने इस मंदिर को बनवाया था। मंदिर पर कब्जा न हो जाये, इस उद्देश्य से मैने ताला लगा रखा है। मेरी मर्जी मैं किसी को पूजा करने दूं या न करने दूं। काफी विरोध के बाद वह इस बात पर राजी हुए कि वह स्वयं मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे। विमलेश मिश्रा ने कहा कि मंदिर में अंधेरा नहीं रहना चाहिए। हम इसकी निगरानी करेंगे। यदि पूजा नहीं हुई तो मंदिर का ताला खुलवाने के लिए आगे भी आंदोलन चलाया जायेगा। विमलेश मिश्रा ने कहा कि हम इस भूमि की पैमाइश करायेंगे। हमें पूरा विश्वास है कि आगे का हिस्सा अवैध रुप से कब्जा कर बनाया गया है। इस दौरान सौरभ मिश्रा, विशाल दुबे, गुलची, संजीव बाथम, अभिषेक बाजपेयी, विपिन अवस्थी व अन्य हिन्दूवादी नेता मौजूद रहे।

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