
समृद्धि न्यूज़ अयोध्या।उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा निर्देशन तथा जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष गौरव कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में गुरुवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया गया।यह निरीक्षण अपर जिला जज व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शैलेंद्र सिंह यादव की अध्यक्षता में किया गया।निरीक्षण के दौरान सचिव श्री यादव द्वारा निरूद्ध सभी बन्दियों के सम्बन्ध में विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी प्राप्त की गयी।इसमें मौके पर कुल 1003 बंदी,52 महिला बन्दी तथा 04 बच्चे भी महिला बन्दियों के साथ संवासित पाए गए।जेल में साफ सफाई अच्छी पायी गयी,बन्दियों हेतु सायंकाल हेतु भोजन तैयार किया जाता मिला।बन्दियों द्वारा बताया गया कि प्रातः कालीन नाश्ते में ब्रेड,गुड़,चाय तथा भोजन में रोटी, चावल,चना उरद मिश्रित दाल और आलू नेनुआ की सब्जी दिया गया है।सचिव श्री यादव द्वारा जिला कारागार अधीक्षक को बन्दियों के बौद्धिक विकास हेतु उनको मोटिवेट किए जाने के लिए निर्देशित किया गया जिससे सभी बन्दी मानसिक तौर पर विकसित होकर देश विकास के मुख्य धारा में अपना योगदान प्रदान करें।वहां कोई ऐसा बन्दी नही पाया गया जिसकी उम्र 18 वर्ष से कम हो।इसी क्रम में सचिव द्वारा महिला बैरक का निरीक्षण किया गया और जिला कारागार में निरूद्ध बन्दियों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की गयी। सभी बन्दी स्वस्थ्य पाये गये।सभी महिला बन्दियों के किसी प्रकार की समस्या के बारें पूछा गया तो किसी महिला बन्दी ने कोई भी शिकायत नही की।जानकारी करने पर पता चला कि जिला कारागार के महिला बैरक की अध्यापिका अवकाश पर है।
उक्त शिविर में असिटेन्ट लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल सिस्टम को निर्देशित किया गया कि ऐसे बन्दी जिनकी न्यायालय द्वारा जमानत हो चुकी है किन्तु जिला कारागार से रिहा नही हो पाये है, उनकी रिहाई के लिए व्यक्तिगत रूप में तथा थाने के माध्यम से आर्थिक,सामाजिक और सम्पत्तियों की जाँच आख्या प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें, जिससे उनको जेल से रिहाई के लिए आवश्यक कार्यवाही किया जा सके।जेल शिविर में किशोर बन्दियों की व्यक्तिगत साफ सफाई पर नाराजगी व्यक्त की गयी तथा अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि बन्दियों की साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें साथ ही अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि ऐसे बन्दी जो अपना जुर्म स्वीकार करना चाहते हैं,उनके प्रार्थना पत्र सम्बन्धित न्यायालय के माध्यम से जेल लोक अदालत में निस्तारित कराया जाना सुनिश्चित करें।इसी क्रम में सचिव श्री यादव द्वारा जेल में विधिक जागरूकता शिविर भी लगाया गया,जिसमें जेल में निरूद्ध बन्दियों को विधिक जानकारी प्रदान की गयी और बन्दियों को उनके अधिकारों के बारे अवगत कराया गया।इसके साथ ही सभी बैरकों के बन्दियों को बुलाकर समझाया गया कि यदि कोई नया बन्दी जिला कारागार में आता है कि तो उससे उसके पैरवी के लिए अधिवक्ता है या नही इसकी विशेष जानकारी ली जाये कि उसके पास अधिवक्ता की सुविधा है या नही?यदि किसी बन्दी के पास अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा के माध्यम से एलएडीसीएस (लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल सिस्टम) मुकदमे की पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा प्रदान की जाती है।जेल में लीगल एड क्लीनिक की स्थापना की गयी है जिससे किसी बन्दी को कोई समस्या हो तो वह जेल में स्थापित लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है।निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ अधीक्षक उदय प्रताप मिश्र, उपकारापाल जितेन्द्र कुमार यादव,माया सिंह व सुमरा अंसारी,चिकित्साधिकारी पुलकित राजा,फार्मासिस्ट विष्णुपाल, मुख्य दिन हेड रितेश चौधरी, महिला हाता प्रभारी,पुरूष हेड वार्डर नरेन्द्र मिश्र व अजय प्रकाश,महिला हाता प्रभारी महिला बंदी रक्षक योगिता गौतम और पुरुष तथा महिला बन्दी आदि उपस्थित रहे।
