25 हजार रुपए की पुरस्कार घोषित थी गैंग की मास्टरमाइंड अभियुक्ता।

समृद्धि न्यूज़ लखनऊ।कंपनियां बनाकर ठगी करने वाले संगठित गिरोहों और अपराधियों के विरुद्ध प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स(एसटीएफ)ने बड़ी कार्रवाई की है।इस कार्रवाई में एसटीएफ ने कंपनियां बनाकर जनता से अरबों रुपए की ठगी करने वाले संगठित गिरोह की मास्टरमाइंड और 25 हजार रुपए की पुरस्कार घोषित वांछित अभियुक्ता को गिरफ्तार किया है। कमिश्नरेट लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र निवासी नीलम वर्मा नामक इस अभियुक्ता को जिले के थाना मानक नगर के बहादुर खेड़ा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है और इसके पास से एक आधार कार्ड बरामद हुआ है।जानकारी के मुताबिक एसटीएफ को काफी समय से मल्टीलेवल मार्केटिंग के माध्यम से जनता से अरबों रुपए की ठगी करने वाले संगठित गिरोह की सूचनाएं प्राप्त हो रही थी।इसके परिपेक्ष्य में पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ लाल प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में मुख्यालय स्थित टीम को अभिसूचना संकलन व कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया था।इसी क्रम में टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्रवाई प्रारंभ की गई थी और अभिसूचना तंत्र को सक्रिय किया गया था।अभिसूचना संकलन के माध्यम से ज्ञात हुआ कि हेलोराइड लि. इंफिनिटी वर्ड इंफ्रावेंचर लि. व ओजोन इंफिनिटी वर्ड एग्रो प्रोड्यूसर लि. नाम की कंपनियां बनाकर जनता से अरबों रुपए की ठगी करने वाले कंपनियों की डायरेक्टर/ मास्टरमाइंड जो लखनऊ व विभिन्न जिलों में 23 मुकदमों में चार वर्ष से वांछित चल रही है।वह लखनऊ जिले के मानक नगर इलाके में मौजूद है।इस सूचना पर निरीक्षक अंजनी कुमार तिवारी के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी विनोद सिंह,प्रभाकर पांडेय,रणधीर सिंह, गौरव सिंह,प्रशांत सिंह व आरक्षी शेर बहादुर की टीम द्वारा विशेष आर्थिक अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू)की टीम को साथ लेकर ज्ञांत से वांछित अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्ता नीलम वर्मा ने बताया कि अभय कुशवाहा ने वर्ष 2013 में इंफिनिटी वर्ड इंफ्रावेंचर लि. कंपनी बनाई थी जो रियल स्टेट में काम करती थी।इस कंपनी में सस्ते प्लाट देने के नाम पर किश्त के रूप में रुपया जमा किया जाता था।इस कंपनी के डायरेक्टर अभय कुशवाहा,राजेश पांडेय,निखिल कुशवाहा,आजम सिद्दीकी व शकील अहमद खान थे जिसमें मैं डायरेक्टर थी।इसके बाद हम लोगों ने वर्ष 2017 में ओजोन इंफिनिटी वर्ड एग्रो प्रोड्यूसर लि. नाम की कंपनी बनाई।इस कंपनी में मैं,अभय कुशवाहा,राजेश पांडेय,निखिल कुशवाह,आजम सिद्दीकी व शकील अहमद खान डायरेक्टर थी।यह कंपनी कम समय में धन दोगुना करने का लालच देकर लोगों से रुपया जमा कराती थी। इसके बाद हम लोगों ने वर्ष 2018 में हेलोराइड लि.नामक कंपनी बनाई जिसमें मैं,अभय कुशवाहा,राजेश पांडेय,निखिल कुशवाहा,आजम सिद्दीकी व शकील अहमद खान डायरेक्टर थे।इसका ऑफिस साइबर हाइट्स विभूतिखंड में आठवें तल पर था।यह कंपनी बाइक टैक्सी चलाने के नाम पर ग्राहकों से 61 हजार रुपए जमा करने के बदले प्रतिमाह 9,582 रुपए 12 माह तक देने का प्रलोभन देकर रुपया जमा कराती थी।कंपनी में रुपया जमा कराने के लिए सात टीमें बनाई गई थी।इन टीमों में लगभग 150 लोग काम करते थे जिसमें प्रेसिडेंट अपनी टीमों के माध्यम से रुपया जमा कराते थे जिसका उनको लगभग 15% कमीशन दिया जाता था।इस कंपनी में मै ग्राहकों से एग्रीमेंट करने का काम करती थी।इन कंपनियों में जब लगभग सौ करोड़ रुपए जमा हो गया तो कंपनी ने ग्राहकों को पेमेंट देना बंद कर दिया जिसके कारण किसी ग्राहक ने थाना विभूति खंड में मुकदमा पंजीकृत करा दिया जिसमें अभय कुशवाहा को मार्च 2019 में पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। जेल में लगभग तीन महीने रहने के बाद अभय कुशवाहा की जमानत हो गई।कुछ समय बाद फिर अभय कुशवाहा जेल चला गया जो वर्तमान समय में जेल में निरूद्ध है।वर्ष 2019 से अब तक कंपनी व हम लोगों पर सैकड़ों मुकदमा पंजीकृत हो गए,तब से मैं फरार थी।हमारी कंपनी के ऑफिस लखनऊ,फतेहपुर, नोएडा,मुजफ्फरपुर,मोहाली पठानकोट व जीरकपुर आदि जगह थे।उल्लेखनीय है कि एसटीएफ की टीम द्वारा वर्ष 2019 में निखिल कुशवाहा, मोहम्मद आजम अली व 2021 में राजेश पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था जो वर्तमान समय में जेल में निरूद्ध है।इस गिरोह का जाल दिल्ली,उत्तर प्रदेश,बिहार,मध्य प्रदेश आदि राज्यों में फैला हुआ है। गिरफ्तार अभियुक्ता की अन्य आपराधिक गतिविधियों एवं बैंक का एकाउंट डिटेल प्राप्त करके धोखाधड़ी के संबंध में जानकारी की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस द्वारा लगभग सौ करोड़ रुपए की ठगी की जा चुकी है।
