पूर्व विधायक के पुत्र पंचशील को पांच वर्ष का कारावास

समृद्धि न्यूज।

जानलेवा हमला व रंगदारी मांगने का मामला
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज।
जानलेवा हमले व रंगदारी के मामले पूर्व विधायक के पुत्र पंचशील राजपूत को अपर जिला जज प्रथम विष्णु चन्द्र वैश्य ने दोषी करार देते हुए पांच वर्ष का कारावास व २३ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
विगत 4 वर्ष पूर्व शहर कोतवाली क्षेत्र के बढ़पुर निवासी श्रीनिवास कटियार पुत्र स्व प्रेमचन्द्र कटियार ने पुलिस को दी गयी तहरीर में दर्शाया कि 1 अगस्त 2019 को मैं अपनी बढ़पुर स्थित एसआर बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर अपने पुत्रों के साथ बैठा था। लगभग 3 से 4 बजे के समय पंचशील राजपूत पुत्र रामकृष्ण राजपूत निवासी पल्ला अपनी कार से अपने साथी व तीन चार अज्ञात व्यकितयों के साथ आये और मुझसे 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने लगे। मैने अपनी असमर्थता जताई और पुलिस से शिकायत करने की बात कही। इसी बात पर हाथापाई होने लगी। बीच बचाव करने मेरे लडक़े नीतेश व मानव आगे बढ़े तो पंचशील ने अपने कमर से रिवाल्वर निकाल कर ताबड़तोड़ हवाई फायर किये। भय के कारण मैं व मेरे पुत्र भागने लगे। मेरे पुत्रों को जान से मारने की नियत सीधे फायर कर दिया। जिससे मेंरे दोनों पुत्र घायल हो गई। तहरीर के आधार कोतवाली पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया। साक्ष्य गवाह के आधार पर पंचशील, अनुज मिश्रा, सुनील के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवकता की कुशल पैरवी के आधार पर अपर जिला जज प्रथम विष्णु चन्द्र वैश्य ने अभियुक्त पंचशील राजपूत को दोषी करार देते हुए धारा 307 में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व दस हजार रुपया अर्थदंड की सजा से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 386 में दो वर्ष का सश्रम कारावास व दो हजार रुपये का अर्थदंड से दंडित किया। अदा न करने पर दो माह के अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 7 कि0लॉ0 अमेंडमेंड एक्ट के अपराध में छह माह के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये के जुर्माना से दंडित किया। अदा न करने पर १५ दिन के अतिरिक्त कारावास से दंडित किया गयाा। धारा ३२३ में एक वर्ष के सश्रम कारावास व एक हजार रुपया अर्थदंड से दंडित किया। अदा न करने पर एक माह के कारावास भुगतना होगा। धारा 3/25/27 में आयुध अधिनियम के अपराध में दो वर्ष का सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदा न करने पर दो माह के अतिरिक्त कारावास से दंडित किया। सभी सजाये एक साथ चलेगी। विचारण के दौरान जेल में बितायी गई अवधि उपरोक्त सजा में समायोजित की जाये। वहीं साक्ष्य के अभाव से अनुज, सुनील को दोष मुक्त कर दिया।

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