
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अभिव्यंजना संस्था द्वारा कवि दिवस एन.ए.के.पी. महाविद्यालय के सभागार में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि डॉ0 शिवओम अम्बर, एन.ए.के.पी. महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ शशि किरण सिंह, डॉ रजनी सरीन, डॉ संतोष पांडे ने अपने विचार व्यक्त किए।
डॉ संतोष पांडे ने कहा कि मैथिलीशरण गुप्त का साहित्य आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने नारी विमर्श को अत्यंत महत्वपूर्ण ढंग से रेखांकित किया है अबला जीवन हाय तुम्हारी यही कहानी आँचल में है दूध और आंखों में पानी, जैसी रचनाएं आज समाज को झिझोड़ती हैं। उन्होंने उर्मिला और यशोधरा के चरित्र पर प्रकाश डाला। डॉ शशि किरण ने कहा कि मैथिलीशरण गुप्त ने स्वतंत्रता संग्राम में एक अलख जगाई और महात्मा गांधी ने भी उन्हें राष्ट्रकवि कहकर संबोधित किया। डॉक्टर शिवओम अंबर ने कहा कि एक साहित्यकार पदम भूषण, पद्म विभूषण से सुशोभित राष्ट्र सेवा में समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि मैथिलीशरण गुप्त खड़ी बोली के शीर्षस्थ कवियों में एक हैं। डॉ रजनी सरीन ने छात्राओं को अपने स्वास्थ्य और चरित्र को अत्यंत उत्कृष्ट बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अच्छे चरित्रों को पढक़र उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करना होगा। डॉ पारुल मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर भारती मिश्रा, उपकार मणि उपकार, प्रीति तिवारी, रामअवतार शर्मा ने अपना काव्य पाठ किया। वरिष्ठ कवि मस्ताना को कवि दिवस पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संजय गर्गर, श्वेता दुबे, अनिल सिंह, बबीता पाठक, रविन्द्र भदौरिया, निहारिका पटेल, भूपेंद्र प्रताप सिंह, डॉ शिल्पी मिश्रा, श्याम चतुर्वेदी, सुनील तिवारी, अर्चना द्विवेदी समेत अनेकों श्रोता एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे ।
