पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षकों ने निकाली बाइक रैली

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। माध्यमिक शिक्षक संघ ने पुरानी पेंसन बहाली की मांग को लेकर मोटर साइकिल जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। १६ सूत्रीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में मांग की गयी कि पुरानी पेंशन बहाल की जाये, शिक्षकों का विनियमितीकरण एवं नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा आदि मांगों को लेकर उप जिलाधिकारी गजराज सिंह यादव को ज्ञापन सौंपा। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर बुधवार को जिला इकाई द्वारा जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे, मंत्री नरेंद्रपाल सोलंकी के नेतृत्व में मोटर साइकिल जुलूस निकाला गया। पुरानी पेंशन बहाली की मांग व तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण व १६ सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। जिसमें एनपीएस, नई पेशन योजना शिक्षकों की वृद्धावस्था में उनके जीवनयापन के योग्य नहीं है। इसलिए पुरानी पेंशन बहाल की जाये। राजकीय शिक्षकों की भांति माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा दी जाये। बोर्ड परीक्षाओं की पारिश्रमिक दरें सीबीएसई की भांति दी जायें। विद्यालय में कार्यरत कम्प्यूटर, व्यवसायिक शिक्षक पूर्णकालिक के रुप में कार्य करें तथा समान वेतन के सिद्धान्त के आधार पर वेतन अनुमन्य किया जाये। शिक्षकों की स्थानान्तरण नीति में आवश्यक संशोधन कर सुनिश्चित किया जाये और सुविधा अनुसार स्थान्तरण हो। सामूहिक बीमा २०१४ से बंद है, उसे चालू किया जाये। ऐसे शिक्षक जो २२ मार्च २०१६ से अधिनियमित व्यवस्था के अंतर्गत विनियमित हुए हैं, उन्हें नियुक्ति के साथ पुरानी पेंशन अनुमन्य की जाये, उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय ने भी प्रकरणों पर पूर्व की सेवा जोड़कर पेंशन स्वीकृत कराने के निर्देश जारी किये हैं। जिन शिक्षकों का चयन ०१ अप्रैल २००५ से पूर्व हो चुका है, प्रशासनिक एवं प्रबंधकीय उदासीनता के कारण कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाये, उन्हें सरकार की भांति पुरानी पेंशन देकर आच्छादित किया जाये, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाये आदि मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर संतोष दुबे, सतेंद्र सिंह, शैलेश दुबे, रजनीश शिवा, विपिन दुबे, प्रशांत मिश्रा, आशुतोष पाण्डेय, देवेंद्र कुमार, प्रदीप जायसवाल, अहिवरन सिंह, अतुल दास, रामतीर्थ अग्निहोत्री, प्रबल प्रताप सिंह, आदि शिक्षक मौजूद रहे।

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