नागपंचमी पर महाकाल मंदिर में हुई कालसर्प पूजा

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। नाग पंचमी पर विशेष कालसर्प पूजा, तक्षक नागचन्द्र मौलेश्वर की एक दिवसीय पूजा सोमवार प्रात: 8 बजे से स्थान श्री महाकाल मन्दिर श्रावण शुक्ल पक्ष पंचमी को प्रतिवर्ष एक दिन आम सर्प स्पर्श प्रतिमा तक्षक चन्द्रमौलेश्वर का पूजन वैदिक रीति से दीप प्रज्ज्वलित कर मन्दिर की महिला महन्त साध्वी अर्चना दीक्षित द्वारा किया गया। नाग पंचमी पर बड़ी संख्या में कालसर्प वास्तुदोष एवं अन्य दोषों के निवारण के लिए बड़ी दूर-दूर से श्रद्धालु प्रात: से ही मन्दिर में पूरी साल की प्रतीक्षा के बाद आये। नागपंचमी पर नाग पूजा का विशेष महत्व है। भगवान शिवजी आज ही के दिन समुद्र मन्थन से प्राप्त कोलाहल विष का पान किया तथा वह नीलकण्ड के नाम से जाने गये। तक्षक नागचन्द्र की प्रतिमा भारत में दो ही स्थानों पर है। जिनका पूजन नागपंचमी को होता है। प्रथम प्रतिमा उज्जैन महाकाल मन्दिर तथा इसके बादफ र्रुखाबाद महाकाल मन्दिर कोटे चौफन के नाग के ऊपर शिव पावती, श्री गणेश की प्रतिमा उद्धतीय है। इस प्रतिमा को वर्ष में केवल एक बार ही स्पर्श करने से यहाँ महामृत्युजय महामन्त्र एवं वेचा अक्षरी मल ओम नम: शिवाय के साथ वैलपत्र धतूरा, भांग, मन्दार पुष्प के साथ चांदी के नाग नागिन के जोड़े दूध हल्दी लगाकर पूजन करने से अभीष्ट फल प्राप्त होता है। एक वर्ष पूजा करने का फल नागपंचमी पर महाभिषेक महामृत्युन्जय महमन्त्र के साथ विधि विधान से जो भक्त पूजन करता है। उसके सभी मनोरथ की पूर्ति भगवान महाकाल अवश्य पूरा करते है। इस मौके पर अवधेश बाजपेई, बालकृष्ण, रवि, चन्दन, आकाश, रामनाथ, रामवान और लालाराम, रेनू, शिखा, सरोज, समीला, अजीत, उमेश, राजेश ने भजन प्रस्तुत किये। सनकादेश्वर महाकाल मन्दिर पांचाल घाट से नेकपुर मसेनी, आवास विकास, लालगेट, घुमना होते हुए विशाल कावड़ यात्रा निकाली जायेगी।

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