
अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। लगातार छोड़े जा रहे गंगा में पानी की वजह से अमृतपुर तहसील क्षेत्र के 90 प्रतिशत गांव जलमग्न है। जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तहसील क्षेत्र के अधिकांश गांव का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट चुका है। जिससे वहां के बसींदों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि तहसील प्रशासन की तरफ से 57 नाव लोगों के आने-जाने के लिए लगी है। तहसील क्षेत्र के 33 गांव पूर्णतया जलमग्न है, उन सभी गांव के ग्रामीणों को पेट भरने के लिए खाना बनाने तक की जगह नहीं है, वो लोग छतों एवं सडक़ों इत्यादि पर पानी डालकर खाना बनाते नजर आते हैं। उप जिलाधिकारी अमृतपुर रविंद्र सिंह ने बताया कि इससे पहले जब पानी लोगों के घरों में घुसा था, तहसील प्रशासन की तरफ से 4833 राहत सामग्री पैकेट 27 गांव के ग्रामीणों को वितरित किए गए थे। इस बार भी हम लोगों के द्वारा 29 गांव की 5575 राहत सामग्री पैकट की डिमांड शासन को भेज दी गई है, जिसका कुछ हिस्सा आज ही तहसील मुख्यालय अमृतपुर में शाम तक आ जाएगा। जिसको हम लोगों के द्वारा प्रभावित ग्रामीणों तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा हमारे सभी बाढ़ चौकियां एवं शरणालय पूरी तरह से तैयार हैं। हम लोग लोगों से अपील करते हैं कि जिन लोगों के घरों में पानी अधिक भरा है। वह अपने घर से निकल कर सरनालय में पहुंच जाएं,उनको किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी एवं बाढ़ से जिन किसानों का जो भी नुकसान हुआ है, उसका बाढ़ खत्म होते ही राजस्व कर्मियों द्वारा आकलन कराया जाएगा और उन सभी को सरकारी राहत सहायता प्रदान की जाएगी।
