वृद्धाश्रम में आयोजित किया गया विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर।

-वृद्धजनों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारियां,कहा गया जरूरत पड़े तो हमें याद कीजिए।

समृद्धि न्यूज़ अयोध्या।राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशानिर्देशन व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश गौरव कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में मंगलवार को मणिपर्वत स्थित वृद्धाश्रम में प्राधिकरण सचिव शैलेन्द्र सिंह यादव द्वारा विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।शिविर का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलायी जा रही सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना तथा उनके प्रति जनसाधारण को संवेदनशील बनाना है।सचिव श्री यादव ने अपने उद्बोधन में वरिष्ठ नागरिको के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि आज जो हमारी प्राचीन सभ्यता थी उसका ह्रास होता जा रहा है।आज समाज में वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा की जा रही है जो बहुत ही निन्दनीय है।हमें वरिष्ठजनो का सम्मान करना चाहिए।उनसे उनके अनुभवों को आत्मसात कर लाभान्वित होना चाहिए।सचिव द्वारा वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के बारे में बताया गया तथा लोगों के उनके प्रति कर्त्तव्यों के बारे में संवेदनशीलता के साथ जागरूक किया गया।बताया गया कि वरिष्ठ नागरिकों की विशेष चिन्ताओं व जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1991 में वरिष्ठ नागरिकों की स्वतंत्रता,भागीदारी,भरण-पोषण आदि के संबन्ध में कतिपय सिद्धांतो को अंगीकार किया तथा तब से प्रत्येक वर्ष एक अक्टूबर को अन्तर्राष्ट्रीय बुजर्ग दिवस के रूप में मनाये जाने का संकल्प लिया गया।भारतीय संविधान में प्रत्येक व्यक्ति व नागरिकों के लिए मौलिक अधिकारों की व्यवस्था की गयी है।भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार है।इस प्रकार प्रत्येक वरिष्ठ नागरिकों को भी गरिमा के साथ जीवन जीने का एक संवैधानिक अधिकार है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 41 में राज्य पर यह दायित्व सौंपा गया है कि वह बुढ़ापा,बीमारी व निःशक्तता में लोगों की सहायता के लिए उपबन्ध करें।यद्यपि शासन द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान व सुविधा की दृष्टि से तमाम योजनायें,जैसे वृद्धा पेंशन योजना,यातायात में आरक्षण योजना आदि चलायी गयी हैं।
बताया गया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य है कि ’वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान’, यानि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान दिया जाय।प्रत्येक व्यक्ति का यह व्यक्तिगत दायित्व है कि वह अपने बुजुर्गाें का सम्मान करे और उनसे अनुभव प्राप्त करे। शासन और प्रशासन का उद्देश्य है कि शासन द्वारा वरिष्ठ नागरिक सम्मान योजना के अन्तर्गत जिन योजनाओं को लागू किया गया है, उसका लाभ पात्र व्यक्तियों को समय से मिले और सरकार की मंशा पूरी हो।किसी भी वरिष्ठ नागरिक को यदि कोई विधिक समस्या जैसे उसको पेंशन की समस्या या मुकदमें की समस्या आदि विधिक समस्या हो उसके सम्बन्ध में वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र देकर अपने समस्या का समाधान पा सकता है।यदि उसका कोई मुकदमा चल रहा हो और आर्थिक तंगी के कारण मुकदमे की पैरवी न कर पा रहा हो तो उसे निःशुल्क अधिवक्ता की सहायता प्रदान की जाती है।इस प्रकार असहाय,निर्धन एवं निःशक्त व्यक्तियों की सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का द्वार हमेशा खुला है।इस दौरान वृद्धाश्रम की प्रबन्धक माधुरी मौर्या स्टोर कीपर प्रद्युमन मिश्र व सेवाकत्री रीमा मिश्रा के साथ वृद्धाश्रम मे रहने वाले सभी वृद्ध महिला व पुरूष उपस्थित रहे।

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