पीडि़त मां ने डीएम व एसपी से लगायी न्याय की गुहार
पुत्र द्वारा आत्महत्या कर लेने पर थाना पुलिस होगी जिम्मेदार
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। आत्महत्या करने के लिए बेटे को मजबूर करने का पीडि़त मां ने मेडिकल चौकी इंचार्ज पर आरोप लगाकर डीएम व पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्यवाही की मांग की।थाना मऊदरवाजा के ग्राम कुईयाबूट निवासी फूलमती पत्नी सुभाष भान शाक्य ने डीएम व एसपी को दिये गये शिकायती पत्र में दर्शाया कि मेडिकल चौकी इंचार्ज जितेन्द्र पटेल व थाना पुलिस द्वारा मेरे छोटे पुत्र अमर को प्रताडि़त किया जा रहा है। अमर बीती रात से गायब होकर आत्महत्या करने की बात कर रहा है। चौकी इंचार्ज जितेन्द्र पटेल ने मेरी बड़ी बहू कंचन की ओर से हम लोगों पर मुकदमा दर्ज कराने व बंद करने की धमकी दी थी। थाने के दरोगा उपदेश व सिपाही सुरेश ३ सितम्बर की शाम पकडक़र थाने ले गये थे और मुझे भी बुला ले गये थे। बाद में पुलिस ने यह कहकर अमर को छोड़ दिया कि कल तक एक पक्का कमरा कंचन को दे दो नहीं तो अमर को बंद कर देंगे और कंचन को जबरन कमरा पर कब्जा करा देंगे। ४ सितम्बर को चौकी इंचार्ज जितेन्द्र पटेल ने फोन कर अमर को बंद करने के लिए थाने आने के लिए कहा। मेरे बड़े बेटे अजय की पत्नी कंचन की शिकायत पर पुलिस दो बार मेरे घर पर आयी। रात्रि ९ बजे डायल ११२ पुलिस यह धमकी दे गयी कि कंचन को एक कमरा दे दो नहीं तो तुम लोगों को मकान से बाहर निकालकर ताला डाल देंगे। पुलिस ने अमर को बंद करने के लिए तलाश किया। पुलिस के डर से अमर कहीं गायब हो गया और मोबाइल बंद कर लिया। रात्रि में गुमशुदी की सूचना दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। दूसरे दिन सुबह जब अमर से बात हुई तो उसने यह कहकर घर आने से मना कर दिया कि मैं मर जाऊंगा और अब मुझे किसी से मोह नहीं है। बड़ा पुत्र अजय अपनी पत्नी कंचन के साथ चार साल से ससुराल में रहता है। मेरे पति २० वर्षों से गायब है, उनका अभी तक कोई पता नहीं चला। मेरे पास पति द्वारा त्यागी गई ३३ वर्षीय पुत्री रोमा व १९ वर्षीय पुत्री मेरे साथ दो पक्के कमरों में रहती है। दो अन्य कमरे है वह क्षतिग्रस्त अवस्था में है। पीडि़ता का आरोप है कि बड़ा पुत्र अजय मुझे खर्चे के लिए रुपये व बेटी की पढ़ाई के लिए कोई भी रुपया नहीं देता है। जबकि छोटा पुत्र अमर बड़ोदरा में रहकर एक प्राइवेट कम्पनी में काम करता है और वही पूरे घर में खर्चा करता है। मेरे पास आमदनी का कोई साधन नहीं है। मिलने वाले राशन से पूरा घर गुजर बसर कर रहा है। इसके बाद भी अजय व उसकी पत्नी कंचन ने बीते दिन कब्जा करने के उद्देश्य से दरवाजा तोडऩे का प्रयास किया था। इस दौरान पड़ोस में रहने वाले लोगों व जेठ ने मदद की थी। पीडि़ता ने निर्दोष बेटे व मुझ पर पुलिस का उत्पीडऩ रुकवाने की मांग की। पीडि़ता का आरोप है कि पुत्र ने अगर आत्महत्या कर ली तो इसकी जिम्मेदारी थाना पुलिस की होगी।
