वृहद राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित किए गए कुल 34091 वाद।

समृद्धि न्यूज़ अयोध्या।शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश के क्रम में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में आयोजित की गई वृहद राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ करते हुए जनपद न्यायाधीश गौरव कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत की मूल भावना में लोक कल्याण की भावना समाहित है।सुलह समझौते के दौरान सभी का मान और सम्मान बना रहे तथा सभी को न्याय मिले,इसका ध्यान रखा जाता है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखकर आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से वादों को निस्तारित कराया जाता है।इतिहास में दर्ज है कि सदियों पहले जब अदालतें नहीं हुआ करती थी,तब दो पक्षों के आपसी मतभेदों को सुलह और समझौते के माध्यम से समाज के गणमान्य व्यक्ति एक निर्धारित स्थल पर बैठकर दोनों पक्षों की बात सुनकर यह निर्णय लेते थे कि दोनों पक्षों का हित किसमें हैं?इसी को देखते हुए वे सुलह और समझौता कराते थे और समाज में इसके सार्थक परिणाम भी दिखाई पड़ते थे। उन्होंने कहा कि सुलह समझौते में दोनों पक्षों के मध्य आपसी क्लेश,मतभेद और दुर्भावना समाप्त हो जाती थी।लोक कल्याण के भावना से ओत प्रोत उसी स्वरूप को माननीय उच्चतम न्यायालय तथा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा विस्तार रूप देते हुए एक स्थल और एक मंच पर बहुत सारे वादों को सुलह-समझीता के आधार पर समाप्त कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित कराने का निर्देश दिये जाते हैं,जिसमें दोनों पक्षों के हित के साथ सामाजिक प्रेम भावना भी समाहित है।श्री श्रीवास्तव ने कहा कि लोग मिल-जुल कर प्रेम भावना से रहे,जो समाज एवं राष्ट्र के हित में है।यदि आपसी मतभेद पनपते भी है,तो उसे शांति और सद्भाव के साथ समाप्त करने का प्रथम प्रयास दोनों पक्षों द्वारा किया जाना चाहिए।यदि प्रथम प्रयास में दोनों पक्ष सफल नहीं होते है तभी उन्हें न्यायालय की शरण में जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि जनपद न्यायालय परिसर के अतिरिका क्लेक्ट्रेट तथा सभी तहसीलों में आपसी सुलह समझौता के आधार पर वादों का निस्तारण कराया जाएगा।इस क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शैलेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि लोक अदालत के आयोजन में आने वाले दोनों पक्षों के बैठने तथा शुद्ध पेयजल आदि की समुचित व्यवस्था करायी गई है।लोक अदालत में आने वाले सभी व्यक्ति के सुविधा का ख्याल रखा गया है और यह प्रयास किया जा रहा है कि आज इस वृहद लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों को आपसी सुलह-समझौता के माध्यम से समाप्त कराकर लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्देश्य का लाभ दिलाया जा सके। उन्होंने बताया की धारा 138 पराकाम्य लिखत अधिनियम (एन.आई.एक्ट),बैंक वसूली वाद,श्रम विवाद वाद,विद्युत एंव जलवाद बिल(अशमनीय वादों को छोड़कर) अन्य (आपराधिक शमनीय,पारिवारिक एंव अन्य व्यवहार बाद,आपराधिक शमनीय वाद,धारा 138 पराकाम्य लिखत अधिनियम (एन.आई.ऐक्ट),बैंक वसूली वाद मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएँ,श्रम विवाद वाद, विद्युत एव जलवाद बिल, (अशमनीय छोड़ कर), पारिवारिक विवाद,भूमि अधिग्रहण वाद सर्विस मैटर से संबन्धित वेतन,भत्ता और सेवानिवृत्ति लाभ के मामले राजस्व वाद,जो जनपद न्यायालय में लम्बित हो,अन्य सिविल वाद आदि वाद निस्तारित किये गये है।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश श्री श्रीवास्तव द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ इसके बाद उन्होंने बेहद बारीकी से परिसर में विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और वहां मौजूद लोगों से जानकारी प्राप्त की।इस दौरान उनके साथ प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय रामायण शर्मा,अपर जिला जज,कक्ष संख्या-एक अशोक कुमार दुबे, पीठासीन अधिकारी कामर्शियल न्यायालय सुशील कुमार शशी,अपर प्रधान न्यायाधीश,पारिवारिक न्यायालय श्रीमती एकता सिंह सहित अन्य सभी न्यायिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।राष्ट्रीय लोक अदालत की समाप्ति के बाद अपर जिला जज व राष्ट्रीय लोक अदालत की नोडल अधिकारी बृजेश कुमार सिंह तथा सचिव शैलेंद्र सिंह यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 34091 वादों को निस्तारित किया गया तथा कुल समझौता राशि मु0 954,52,784 रू है।बैंक रिकवरी से संबंधित 774 प्री-लिटिगेशन बाद निस्तारित किये गये तथा बैंक संबन्धित मु0 5,79,04,191 रूपए वसूल किये गये। पारिवारिक विवाद से सम्बन्धित 89 मुकदमों को निस्तारित किया गया है,जिसमें कई पुराने बाद निस्तारित किये गये।संबंधित मजिस्ट्रेट न्यायालयों द्वारा 10430 वाद निस्तारित किया गया,जिसके एवज में कुल 315205 रूपए अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया।सिविल न्यायालय द्वारा कुल 75 मामलों का निस्तारण किया गया जबकि राजस्व मामलों से संबन्धित 22710 वाद विभिन्न राजस्व न्यायालय द्वारा निस्तारित किया गया है।
