फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अपहरण के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश विष्णुचन्द्र वैश्य ने अभियुक्त शैतान सिंह उर्फ कृपाल सिंह, कल्लू उर्फ राजवीर, संतोष को दोषी करार देते हुए १० वर्ष का सश्रम कारावास व ५०-५० हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।विगत वर्ष १९९६ में ब्रजबिहारी लाल पुत्र रामचन्द्र निवासी ग्राम भटमई थाना कम्पिल ने पुलिस को दी तहरीर में दर्शाया था कि वह मेरा लडक़ा संतोष कुमार २ जुलाई १९९६ को अपने चचेरे भाई शिवदत्त व अन्य लोगों के साथ टै्रक्टर से अपने गांव जा रहे थे। शाम ७:३० बजे जब टै्रक्टर के्रशर मशीन के पास पहुंचा तो ६-७ बदमाशों ने टै्रक्टर रोकने की आवाज दी। जैसे ही टै्रक्टर धीमा हुआ तो एक बदमाश ने फायर कर अगले पहिये को पंचर कर दिया। जब जबरदस्ती बदमाश मेरे पुत्र संतोष व उसके चचेरे भाई शिवदत्त को अपने साथ ले गये। पुलिस ने शैतान सिंह उर्फ कृपाल जाटव पुत्र ज्वाला प्रसाद जाटव, कल्लू उर्फ राजवीर, संतोष निवासी भूड़ थाना पटियाली के विरुद्ध धारा ३६४ के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। ८ जुलाई १९९६ को पटियाली जिला एटा की पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। जिनके कब्जे से अपहरण किये गये संतोष व शिवदत्त को बरामद कर लिया। साक्ष्य व गवाहों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश विष्णुचन्द्र वैश्य ने अभियुक्त शैतान सिंह उर्फ कृपाल सिंह, कल्लू उर्फ राजवीर, संतोष को दोषी करार देते हुए १० वर्ष का सश्रम कारावास व ५०-५० हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अपहरण के मामले में तीन को 10 वर्ष का सश्रम कारावास, 50-50 हजार का जुर्माना
