
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। उत्तर प्रदेश आशा वर्कस यूनियन ने जिलाधिकारी सम्बोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्टे्रट को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि आशा कर्मियों से गोल्डन आयुष्मान कार्ड बनवाने में सुबह ६ बजे से ९ बजे तक व रात्रि १० बजे से १२ बजे तक योगदान करने असंवेदनशील और कू्रर आदेश तथा उनकी बिना प्रतिफल के सेवा लेने और उनके लिये अवैज्ञानिक तरीके से कम्प्यूटर आपरेटर का कार्य लेने के लिए बाध्य किया जाना उत्पीडऩ से कम नहीं। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आरोग्य योजना के नाम पर आशा संगिनी को गोल्डन आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य में योगदान के लिए कुछ जिलों में सुबह ६ से रात्रि १० बजे व १२ बजे तक योगदान के लिए आदेश जारी किया गया है। समिति के अध्यक्ष मुख्य चिकित्साधिकारी को तत्काल आदेश वापस लेने के लिए आदेशित करने की मांग की है। व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति भी कोई गंभीर न होने के चलते अनहोनी हो सकती है। विगत तीन वर्षो से आशा कर्मियों को इस योगदान के लिए प्रतिफल में कोई पारिश्रमिक प्रत्सोहान राशि नहीं भुगतान की गई है। सरकारी कोटा पूरा करने के नाम पर जोरजबरदस्ती और अमानवीय कृत्य असहानीय है। आशा संगिनी सुबह १० बजे से ३ बजे तक अपने क्षेत्र में लोगों को इसके लिए प्रेरित करने का काम कर सकती है। इसके अतिरिक्त कार्य करने के लिए दबाव व किसी प्रकार का उत्पीडऩ और अभद्रता, डराने, धमकाने की कार्यवाही एवं किसी प्रकार की संस्थानिक अशांति के लिए विभाग और इस तरह के नादिर शाही फरमान जारी करने वाले अधिकारी जिम्मेदार होंगे। सभी आशा संगिनियों ने एक साथ इस आदेश को तत्काल वापस करने व पूर्व कार्यों के योगदान प्रतिफल के संदर्भ में आदेश जारी करने की मांग की है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष विमलेश सोलंकी, विमला देवी, अनीता देवी, अरुणा, लक्ष्मी, रुचि, विनीता, सुनीता, रंजीता, रुचि शुक्ला, कुंती देवी, देवेन्द्री, संगीता, रुचि यादव, पूजा, ममता, किरन, विमलेश, प्रीती, ज्योति, राजेश्वरी, ऊषा, निर्मला, धनदेवी मौजूद रही।
