
समृद्धि न्यूज़ अयोध्या।का०सु० साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 153वीं जयन्ती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 119वीं जयन्ती पारम्परिक रूप से नवीन वचनालय मे मनाई गई।इस अवसर पर पूर्व की भाती सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई।इस मौक़े पर कारसेवकपुरम के सन्त आचार्य प्रदीप पांडेय ने श्रीमद्भ भवतगीता के श्लोकों का पाठ,महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रो० मिर्ज़ा शहाब शाह ने क़ुरान मज़ीद की आयतों का वाचन तथा गुरुद्वारा नज़रबाग के ग्रन्थी ज्ञानी नवनीत सिंह ने पवित्र गुरुग्रन्थ साहिब का पाठ किया जबकि सीएनआई चर्च कंटोनमेंट के डेनियल सिंह ने पवित्र बाइबिल की पंक्तियों में वर्णित ईश्वरीय सन्देश को पढ़कर सुनाया।
महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग के प्रो० अशोक कुमार मिश्र ने श्रीरामचरितमानस के उत्तरकाण्ड से कागभुशुण्ड-राम संवाद का सस्वर पाठ किया।प्रो० बी डी द्विवेदी ने कहा कि आलोचना करना आसान है लेकिन देश,काल और परिस्थिति के अनुसार ही निर्णय लिये जाते हैं।मुख्य नियन्ता प्रो० अनिल सिंह ने अपने उदबोधन में गाँधी जी की उनकी आत्मकथा पुस्तक ‘सत्य के प्रयोग’ का ज़िक्र करते हुए कहा कि जब आज भारत सहित पूरी दुनिया मे नफ़रत बढ़ गई है उस समय गाँधी हमे रास्ता दिखाते हैं और सम्बल प्रदान करते हैं।भूगोल विभाग के प्राध्यापक प्रो० अंजनी सिंह ने कहा कि गाँधी ने आदर्शों को स्वयं जिया।प्राचार्य प्रो० सिंह ने अपने उद्बोधन में लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, ईमानदारी, त्याग और नेतृत्व की प्रतिमूर्ति बताते हुए कहा कि भारत-पाक युद्ध के समय जब दुनिया के कुछ देशों ने भारत को खाद्यान्न देने से मना कर दिया उस समय उन्होंने सप्ताह में एक दिन उपवास रखने का प्रण लिया और समस्त देशवासियों से भी ऐसा करने को कहा।संगीत विभाग की अध्यक्ष डॉ० सुरभि पाल और डॉ० सुमधुर शास्त्री के निर्देशन में संगीत विभाग के छात्र-छात्राओं ने गाँधी जी की प्रार्थना ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ और रामधुन का गायन किया।प्राचार्य ने उपस्थित सभी धर्मगुरुओं को रामनामी प्रदान करके सम्मानित किया गया।सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष डॉ० कुमुद सिंह,प्रो० वंदना जायसवाल,प्रो० कविता सिंह,प्रो०ओपी यादव,प्रो० आशुतोष सिंह,डॉ० बी.के सिंह, डॉ० आशुतोष त्रिपाठी,डॉ मनीष कुमार सिंह,डॉ समरेंद्र बहादुर सिंह,डॉ उमापति डॉ० अखिलेश, डॉ सरोज शुक्ला,डॉ शशि सिंह डॉ रीता सिंह,डा रीमा सोनकर,डॉ रीता दुबे व डॉ० अनामिका माथुर आदि उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन उर्दू विभाग की डॉ० बुशरा ख़ातून ने किया।अन्त में महाविद्यालय के सांस्कृतिक परिषद की सचिव डॉ० पाल ने सभी अतिथि धर्मगुरुओं को धन्यवाद ज्ञापित किया।राष्ट्रगान के बाद समारोह सम्पन्न हुआ।
