किशोर के साथ कुकर्म करने वाले आरोपी को अजीवन कारवास

एक लाख रुपये के जुर्माने से किया दण्डित
न्यायालय ने 14 दिनों में पत्रवाली सुनवाई कर आरोपी को सुनाई सजा
बीते दिन 2 अगस्त 2023 को कारित हुई घटना

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अपर जिला जज विशेष पाक्सो एक्ट न्यायाधीश सुमित प्रेमी ने दलित नाबालिग किशोर के साथ कुकर्म करने वाले अभियुक्त आशु उर्फ आशीष दत्ता पुत्र राजेन्द्र कुमार दत्ता निवासी कांशीराम कालोनी हैवतपुर गढिय़ा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारवास व एक लाख रुपये के जुर्माने से दण्डित किया।
बीते कुछ माह पूर्व 2 अगस्त को थाना मऊदरवाजा क्षेत्र की निवासी युवती ने पुलिस को दी गई तहरीर में दर्शाया था कि दिनांक 1 व 2 अगस्त की रात को मेरा 14 वर्षीय पुत्र कालोनी की छत पर लेटा था, तभी मेरे मकान का पड़ोसी आशु उर्फ आशीष लगभग 3 बजे रात छत पर गया और मेरे पुत्र को दबोच लिया मुंह दबाकर उसके साथ कुकर्म किया। मेरे पुत्र ने डर बजह की बजह से उपरोक्त घटना की जानकारी नहीं दी। जब पुत्र को सुस्त देखा। तब उससे पूछा तो उसने बात बताई जब मंै इस बात की शिकायत करने आशू के घर गयी, तो उसकी माँ ने कहा मेरे पास पैसे नहीं है। तुम इसका इलाज करा लो। हम पैसे बाद में दे देंगे। थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा धारा 377 व पाक्सो एक्ट के तहत दर्ज कर लिया। मुकदमा की विवेचना उपनिरिक्षक इंद्रजीत ने की। उक्त वादी दलित होने के कारण घटना की विवेचना सीओ सीटी प्रदीप सिंह ने धारा 377 व पाक्सो व दलित उत्पीडऩ के तहत न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता प्रदीप सिंह, अभिषेक सक्सेना, विकास कटियार, अनुज कटियार की पैरवी के आधार पर न्यायाधीश सुमित प्रेमी ने आरोपी आशू को दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर आजीवन कारावास व एक लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।

न्यायालय ने १४ दिनों में पत्रावली का किया निस्तारण
लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण के मामले में न्यायालय ने 14 दिनों में पत्रवाली का निस्तारण कर दिया। अभियोजन ने उक्त मामले में 7 गवाह पेश किए। जिसमें प्रथम गवाह मुकदमा वादिनी, एफ आईआर लेखक अतुल कुमार, पीडि़त, प्रधानाध्यापक पवन कुमार, उपनिरिक्षक इंद्रजीत, सी ओ सीटी प्रदीप सिंह की गवाही हुई। अभियोजन व थाना पैरोकार की पैरवी के आधार न्यायाधीश सुमित प्रेमी ने पत्रवाली का निस्तारण किया।

2 अगस्त को घटी थी घटना
आरोपी की गिरफ्तारी 10 अगस्त को हुई थी। विवेचक ने 20 अगस्त को आरोप पत्र लगाया था। न्यायालय में पत्रावली 27 सितंबर को दाखिल हुई थी।

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