आवास से सामान चोरी करने का एसडीएम पर है आरोप मुख्यमंत्री से भी लगा चुके हैं न्याय की गुहार रिपोर्ट में पुलिस ने कर दी लीपापोती

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। एसडीएम द्वारा सरकारी सम्पत्ति चोरी कर लेने के मामले में न्याय पाने के लिए जिला सैनिक कल्याण एवं पुर्नवास अधिकारी मुख्यमंत्री के दरबार में भी हाजिरी लगा चुके हैं, लेकिन ढांक के तीन पांत जैसी कहावत चरितार्थ हुई। उन्हें आश्वासन तो मिला कि जांच कराकर कार्यवाही करायी जायेगी, जब जांच ही शुरु नहीं हुई, तो कार्यवाही किस पर होगी। कर्नल रवींद्र सिंह (अ0प्र0) जिला सैनिक कल्याण एवं पुर्नवास अधिकारी फतेहगढ़ ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार में उपस्थित होकर लिखित शिकायत की। जिसमें दर्शाया कि मैंने ०१ जनवरी २०२३ को कार्यभार ग्रहण किया। हमारे कार्यालय प्रांगण में ही हमारा अधिकृत आवास है। जिसमें उप जिलाधिकारी संजय सिंह रह रहे थे। उस आवास को खाली करने के लिए हमारे कार्यालय द्वारा अथक प्रयास किया और मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप से आवास खाली कराया जा सका। दिनांक १६ मई २०२३ को आवास खाली करते समय एसडीएम संजय सिंह मूलबूत सुविधाओं वाली चीजें निकाल ले गये। जिसमें बिजली की बायरिंग, फिटिंग, नल की सभी टोंटियां और फिटिंग, वाशवेशन और बाथरुम के दरवाजे, ओवरहेड, वाटर टैंक और घर के अंदर लगे पंखे, लॉन के इंटरलांकिंग टायल्स, बिजली मीटर, समरसेबिल स्टार्टर व अन्य सामान जैसे लेट्रीन की सीट, कमोड तक निकाल ले जाने का जिक्र किया है। एसडीएम संजय सिंह से पहले इस आवास में उप जिलाधिकारी बृजेंद्र ंिसंह रह रहे थे। उन्होंने मुझे बताया था कि जब वह आवास खाली करेंगे, तो संजय सिंह को सौंप देंगे। उक्त सभी सामान लगा हुआ छोड़कर गये थे, जबकि संजय सिंह का कहना था कि यह सभी सामान स्वंय उन्होंने लगवाया था। जिस कारण वह सभी सामान उखाड़ ले गये है। इस संबंध में तहरीर दिये जने पर व जिलाधिकारी को बताये जाने पर जब कोई कार्यवाही नहीं हुई, तो उन्होंने मुख्यमंत्री आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायी। बताते चलें कि पुलिस ने सोल्जर बोर्ड अधिकारी की शिकायत पर मुकदमा तो दर्ज कर लिया था, लेकिन एसडीएम पद पर संजय सिंह के होने पर व जिले के मुख्य अधिकारी का संरक्षण के चलते पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की और उसमें लीपापोती कर मामले को खत्म कर दिया। पुलिस की मानें तो आरोपों की पुष्टि न होना दर्शाया गया है, जबकि जिला सैनिक कल्याण एवं पुर्नवास अधिकारी का कहना है कि पहले से ही यह सब सामान लगा था। मुख्यमंत्री के दरबार में हाजिरी लगाने के बावजूद कार्यवाही तो बहुत दूर, जांच तक शुरु नहीं हुई। अब पीडि़त अधिकारी ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है। उन्होंने घटना के संदर्भ में एक वीडियो जारी कर रहा है कि जब हम जैसे अधिकारी को न्याय नहीं मिल रहा है, तो आम जनता के साथ कैसे न्याय हो रहा होगा। उन्होंने कहा कि जब तक दोषी व्यक्ति को सजा नहीं दिला लेते, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।
