भाविप की समूह गान प्रतियोगिता में कानोडिया इंटर कालेज रहा अब्बल

विजेता टीम का प्रांतीय प्रतियोगिता औरैया के लिए हुआ चयन
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। भारत विकास परिषद पांचाल शाखा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता में नगर के विभिन्न विद्यालयों की टीमो नें भागीदारी की। मदन मोहन कानोडिया बालिका इण्टर कालेज की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया एव औरैया में होने वाली प्रान्तीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए फर्रुखाबाद से चयन किया गया।
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता का आयोजन मदन मोहन कानोडिया बालिका इण्टर कालेज में किया गया। मुख्य अतिथि प्रधानाचार्या सुमन त्रिपाठी ने दीप प्रज्ज्वलित करके उद्घाटन किया एवं उपस्थित प्रतिभागियों से कहा कि कोई भी प्रतियोगिता जीत हार के रूप में नही लेनी चाहिए, बल्कि प्रतियोगिता में भाग लेना ही महत्वपूर्ण होता है एवं प्रतियोगिता में अपने अच्छे अथवा खराब प्रदर्शन के बारे मे अवश्य चिंतन करना चाहिए। संयोजक नमन गर्ग ने कहा कि राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता हमारे संस्कार कार्यक्रमों का एक अंग है। कक्षा 6-12 के विद्यार्थियों के बीच प्राचीन भारतीय गौरव शाली संस्कृति से अवगत कराना एक प्रमुख दायित्व है। महिला संयोजिका ममता सक्सेना ने कहा कि यह प्रतियोगिता वर्ष 1967 से प्रारभ की गई थी, तब से यह लगातार 55 वर्षों से शाखा प्रान्त क्षेत्र एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित हो रही है। सचिव देवेन्द श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रतियोगिता में हिन्दी संस्कृत एवं लोकगीत देशभक्ति की भावना से ओत प्रोत गाने गाये जाते हैं। प्रान्तीय प्रभारी अतुल रस्तोगी ने बताया कि विजेता टीम औरैया जायेगी।
प्रतियोगिता में सुनैना सक्सेना, मीनाक्षी, काजल, सुहाना, उपासना, दीक्षा, सोनी की टीम ने हिन्दी गीत अब जाग उठो कमर कसो मंजिल की राह बुलाती है, संस्कृत गीत भारत माता बुधजन गीता तथा लोक गीत कैसे खेलन जै बे सावन मां गीतों पर गायन कर मन मंत्र मुग्ध कर दिया। द्वितीय स्थान प्राप्त सरस्वती बालिका विद्या मंदिर सेनापति स्ट्रीट से तनु, आशी, शुभी, आरोही, परी, नित्या, शैलजा, मानसी, मुस्कान, अवनी, भाव्या, छवी ने हिन्दी गीत, अरुण गगन पर संस्कृत गीत प्रस्तुत किया। तृतीय स्थान प्राप्त सरस्वती विद्या मंदिर श्याम नगर से सृष्टि, स्नेहा, भूमि, अनिका, कृति, कृतिका, इशिका, निशिका ने हिन्दी गीत सूरज बदले चंदा बदले, संस्कृत गीत सादरं समीहताम् तथा लोक गीत आ कान्हा अव तो मुरली की गीत पद अपनी मन मोहक पुस्तुति दी। निर्णायक मण्डल में नीरज शुक्ला, अनुभव लाल, प्रियंका त्रिवेदी रहीं। इस अवसर पर पूनम पाण्डेय, दर्शना आर्या, गीता देवी यादव, अर्चना मिश्रा, कन्हैया शुक्ला, अनिल सक्सेना, शिवम गुप्ता, शिवानी मिश्रा, रोमी श्रीवास्तव, शैली रस्तोगी, सीमा उपाध्याय, आरती गुप्ता, अनीता सक्सेना, शिप्रा, स्नेहा, संदीप उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *