
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ओमनिवास जटवारा जदीद अंगूरीबाग आश्रम पर श्राद्ध कर्म और आध्यात्म पर हुई चर्चा के साथ पितृ पक्ष की तीन पीढियों को याद कर उन्हें भोजन वस्त्र दान किया जाता है। बीके शोभा बहन ने कहा कि हम अपने श्रद्धा भाव से पूर्वजों की आत्माओं को याद करते हैं। श्राद्ध में कभी अंध श्रद्धा का वास न होने दे, मरने के उपरांत पूर्वजों को हलवा पूरी खीर का भोग भी तभी सफल होता है जब हमने जीते जी उन्हें मान सम्मान दिया होता। श्राद्ध के 15 दिनों तक घर में बने भोजन को महत्व देते हैं। इन दिनों में प्याज लहसुन मांस या किसी भी प्रकार के नशे का उपयोग भी वर्जित होता है। साल के यह 15 दिन सभी दिवंगत आत्माओं को समर्पित होते हैं। पूनम बहन ने सुंदर गीत कर्म करो ऐसे भाई तुम पड़े ना फिर पछताना प्रस्तुत किया। ब्रह्माकुमारी संतोष बहन ने कहा हमें धन का ढेर नहीं लगाना है, जीवन की समय सीमा तो है ही इस सीमा में सदुपयोग कर पुण्य कमाना है। इस मौके पर संजय गर्ग, करतार सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
