
जिला मजिस्टे्ट के आदेश पर पुलिस अधीक्षक की अगुवाई में तहसीलदार ने की कार्यवाही
अब तक गैंग लीडर व उसके सदस्यों की १०० करोड़ से अधिक की सम्पत्ति हो चुकी है कुर्क
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। गैंगस्टर व हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध बसपा नेता व उनके भाई की करोड़ों रुपये कीमत की संपत्ति को जिला मजिस्टे्रट के आदेश पर पुलिस अधीक्षक की अगुवाई में गुरुवार को ढोल नगाड़े के साथ माइक से मुनादी करार कुर्क कर लिया गया।
टॉपटेन सूची में शामिल अनुपम दुबे आगरा जेल में निरुद्ध है। बीते दिनों जिला मजिस्टे्रट संजय कुमार सिंह ने गुंडई के बल पर अर्जित की गई सम्पत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया था। जिसके तहत पुलिस अधीक्षक विकास कुमार की अगुवाई में पुलिस की कई टीमों को बनाया गया। क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार सबसे पहले तहसीलदार सदर के साथ फर्रुखाबाद स्थित पुराने कोठा पार्चा में करोड़ों रुपये कीमत की कोठी को कुर्क करने की कार्यवाही की गई। कोठी के अंदर दो परिवार रहते मिले। जिन्होंने बताया कि बचपन से वह इसमें रह रहे है। कोठी उनके पूर्वजों की है। २०१३ में किसी ने गलत तरीके से अनुपम दुबे व उनके भाई को बेंच दी थी। वह खाली कराने आये थे। प्रशासन का बढ़ता दबाव देकर उन्होंने अपना सामान निकाल लिया। तहसीलदार श्रद्धा पाण्डेय ने हवेली के अंदर बने सभी कमरों को सील कराकर मुख्य द्वार पर ताला लगाकर सील कर सम्पत्ति कुर्क से संबंधित बोर्ड लगा दिया। इसके पश्चात बढ़पुर अल्लाह नगर मुख्य मार्ग पर स्थित निर्माणाधीन होटल को भी कुर्क किया गया। कोतवाली फतेहगढ़ के क्षेत्र भूसा मण्डी में बेसकीमती दो आवासीय भूखण्डों को भी कुर्क किया गया। एक भूखण्ड कार पार्किंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। चाचूपुर जटपुरा स्थित कृषि भूमि को भी कुर्क किया गया। अनुपम दुबे हत्या गैंगस्टर सहित लगभग ६४ मुकदमों में वांछित है और आगरा जेल में निरुद्ध है। उनके भाई मोहम्मदाबाद ब्लाक प्रमुख बब्बन दुबे भी जेल में बंद है। फरार चल रहे डब्बन दुबे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। राजस्व विभाग के अनुसार १० करोड़ ६० लाख रुपये की सम्पत्ति कुर्क की गई है। अभ तक की कुर्की की गई कार्यवाही में लगभग १०० करोड़ से अधिक की अनुपम व उनके गैंग से संबंधित सदस्यों की सम्पत्ति कुर्क कर चुकी है। कार्यवाही के दौरान पुलिस अधीक्षक के अलावा कोतवाली फतेहगढ़, थाना कादरीगेट, मऊदरवाजा, शहर कोतवाली सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
