फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। दहेज हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित के न्यायाधीश ने दोषी करार देते हुए सास मधु वर्मा को सात वर्ष का कारावास व अर्थदंड से दंडित किया।
वर्ष 2016 में दिनेश वर्मा निवासी अग्रवाल नई बस्ती करहल रोड मैनपुरी ने पुलिस को दी तहरीर में दर्शाया कि पुत्री प्रिया की शादी वर्ष 25 दिसम्बर 2015 को गुरुगांव देवी मंदिर में कन्हैया लाल वर्मा पुत्र धनश्याम वर्मा निवासी विशम्भर दयाल धर्मशाला के सामने नुनहाई से की थी। ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज में एक बाइक व पचास हजार रुपये की नगदी की मांग करने लगे। मना करने पर ससुरालीजन पुत्री का उत्पीडऩ करने लगे। १२ अगस्त २०१६ को कन्हैया का फोन आया और उपरोक्त नीरज वर्मा व मोहिनी वर्मा, कन्हैया, मधु ने कहा कि सुबह तक बाइक व पचास हजार रुपये की नगदी लेकर आओ नहीं तो प्रिया को जलाकर मार डालेगे। पुत्री से शाम ६:३० बजे फोन पर बात हुई थी। १३ अगस्त को अज्ञात फोन से सूचना मिली कि तुम्हारी लडक़ी को जला दिया गया है। जब मंै पुत्री की ससुराल पहुंचा तो वह वहां मौजूद नहीं थी। लोहिया पहुंचने को कहा गया। पुत्री की मौत हो गई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष व शासकीय अधिवक्ता की कुशल पैरवी के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित के न्यायाधीश ने दोषी करार देते हुए सास मधु वर्मा को सात वर्ष का कारावास व अर्थदंड से दंडित किया।
