
विश्वनाथ गोस्वामी शास्त्री जी का केक काटकर धूमधाम से मनाया गया जन्मोत्सव
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। ग्राम मंझना निवासी विश्वनाथ गोस्वामी शास्त्री ने शतायु होने का गौरव प्राप्त किया। विश्वनाथ शास्त्री का जन्म 13 दिसंबर सन 1923 को हुआ। शिक्षा के क्षेत्र में संस्कृत के प्रकांड विद्वान रहे शास्त्री ने साहित्याचार्य और शास्त्री जैसी शिक्षाएं प्राप्त की। एवी इंटर कॉलेज शमशाबाद में संस्कृत के प्रवक्ता रहकर अनेकों छात्रों के भविष्य को दैदीप्यमान करते हुए सन 1984 में अवकाश प्राप्त किया। अवकाश प्राप्ति के बाद अपने घर पर ही रहकर समाजसेवा के कार्यों में सतत संलग्न रहे। विश्वनाथ शास्त्री का परिवार पूर्णत: शिक्षित, सुसंस्कृत व आध्यात्मिक है। शास्त्री के दूसरे नंबर के पुत्र डॉ0 देवेंद्र गोस्वामी जो कि अवकाश प्राप्त राजकीय मेडिकल ऑफिसर रहे हैं ने पिता के शतायु होने पर उन्हें समर्पित अपनी पुस्तक उठाता लेखनी जब-जब का विमोचन उनके ही कर कमलों से करवाया। आज उनके शताब्दी समारोह में उनके परिवार के लगभग सभी सदस्य एकत्रित हुए। उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और ईश्वर से उनके लिए प्रार्थना की कि उनका आशीर्वाद अगले 100 वर्षों तक यूं ही मिलता रहे। 100वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में उनके पुत्रों ने अखंड पाठ करवाकर पूरे ग्रामसभा में भोजन करवाकर उनके जन्मोत्सव को मनाया गया। 100 वर्ष पूर्ण होने पर धूमधाम से उनके जन्मोत्सव मनाया गया। इनके चार पुत्र सुरेंद्र गोस्वामी केंद्रीय विद्यालय में टीचर से रिटायर्ड है। चिकित्सक देवेंद्र गोस्वामी सेवानिवृत्त है, योगेन्द्र गोस्वामी केंद्रीय विद्यालय में टीचर हैं और सबसे छोटे पुत्र शीलेंद्र गोस्वामी ने नौकरी छोडक़र माता-पिता की सेवा करने का संकल्प लिया और आज वह अपने माता-पिता की सेवा कर रहे हैं। ऐसे पुत्र आजकल बहुत कम देखने को मिलते हैं। आज पूरे गांव में खुशी की लहर देखने को मिली।
