42वें रामायण मेला के द्वितीय कार्य दिवस का आकर्षण
अमिताभ श्रीवास्तव।

समृद्धि न्यूज़ अयोध्या। रामायण मेला समिति द्वारा आयोजित 42वें रामायण मेला के द्वितीय कार्य दिवस के प्रवचन सत्र में श्याम सुंदर महाराज ने भगवान राम के आदर्श पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि भगवान राम में आदर्श पिता,आदर्श पुत्र,आदर्श राजा और आदर्श जीवन समाहित हैं।व्याख्यान के अगले क्रम में मोतीलाल शास्त्री ने कहा कि तुलसी इस संसार में पंच रतन है सार,सत्संग और हरि कथा,दया, दान,उपकार कार्यक्रम का संचालन कमलेश महाराज ने किया जिसके बाद दीप प्रज्वलन के साथ शुरुआत की गई। सांस्कृतिक संध्या में इस वर्ष अयोध्या के कई कलाकारों को मौका दिया गया।इसी क्रम में अयोध्या के करण अर्जुन भी प्रमुख रहे।कार्यक्रम की प्रथम प्रस्तुति भजन गायक करण अर्जुन झा द्वारा दिया गया, करण अर्जुन ने कहा कि माता सीता ने जब पहली बार प्रभु श्री राम को देखा तो क्या संयोग था। भजन के बोल थे,राम को देख के श्री जनक नंदनी बाग में जा खड़ी की खड़ी रह गईं इस भजन ने दर्शकों का मन मोह लिया। द्वितीय प्रस्तुति लोक गायिका सुश्री कुसुम वर्मा ने दिया और कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति लोक गायक प्रणव सिंह के गाये लोक भजनों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।कार्यक्रम में समिति के कार्यकारी महामंत्री कमलेश सिंह,मंत्री सूर्यनारायण सिंह, कार्यालय मंत्री नंद कुमार मिश्रा पेड़ा महाराज एवं कार्यालय मंत्री श्रीनिवास शास्त्री,संदीप शर्मा, सेवानिवृत्त कर्नल ज्ञान प्रकाश चौधरी,डॉ दीपंकर गुप्त व संयोजक आशीष मिश्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
