महिला की हत्या में सौतेले पिता सहित तीन पर मुकदमा दर्ज

न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने शुरु की कार्यवाही
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज।
पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर महिला को जहर देकर हत्या करने के मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरु कर दी है।
जानकारी के अनुसार सन्तोष पुत्र कलेक्टर निवासी ग्राम हुसैनपुर नौखण्डा बहेलियन नगला थाना कोतवाली फतेहगढ़ का निवासी है। पीडि़त की शादी दिनॉक 11 दिसंबर 2021 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में नेहा पुत्री नामालूम, मॉ कमलेश निवासी ग्राम हुसैनपुर नौखण्डा थाना कोतवाली फतेहगढ़ के साथ हुई थी। शादी के पश्चात पीडि़त की पत्नी नेहा की विदा उसके सौतेले पिता पूरन सिंह के कहने पर मॉ कमलेश ने नहीं की थी और एक साल बाद विदा करने की कहा था। एक साल बाद पीडि़त ने विदा करने को कहा, तो पूरन सिंह व कमलेश कुमारी ने टाल मटोल कर विदा नहीं की। उसने इस बावत पंचायतें डलवायीं, लेकिन विदा नहीं की। जबकि उसकी पत्नी नेहा आने को तैयार थी, लेकिन पूरन सिंह सौतेला पिता होने के कारण धन के लालच में नेहा की दूसरी शादी उसकी इच्छा के बगैर जबरदस्ती कमलेश कुमारी के सहयोग से करना चाहता था। पीडि़त के सगे बड़े भाई राजकुमार को कमलेश कुमारी की बेटी दूसरी कंचन ब्याही है। जिसने भी अपनी माँ कमलेश कुमारी व सतौले पिता पूरन को काफी समझाया तथा धन के लालच में नेहा की दूसरी शादी धन लेकर दूसरी जगह करने से रोकने का प्रयास किया। जब इधर उधर से दबाव डलवाया, तो पूरन सिंह व कमलेश कुमारी काफी नाराज हो गये। पूरन सिंह का कहना है कि हमने सरकारी धन व सामान को प्राप्त करने के लिए नेहा की शादी की थी। हम नेहा की विदा नहीं करेंगे, बल्कि उसको जहर देकर मार देंगे। पीडि़त ने इस संबंध में 23 अक्टूबर 2023 को संबंधित थाने पर प्रार्थना पत्र दिये। दिनांक २५ अक्टूबर को सुबह लगभग ७ बजे पीडि़त को सूचना मिली कि उसकी पत्नी नेहा को उसके सौतेले पिता पूरन सिंह व सास कमलेश कुमारी व साले सौरभ पुत्र पूरन सिंह, जो पूरन सिंह की पूर्व पत्नी से पैदा है ने जहर देकर मार दिया है। जिस पर पीडि़त के भाई राजकुमार ने ११२ नंबर पर घटना की सूचना दी तथा संबंधित थाने पर तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और न ही कोई कार्यवाही की। तब पीडि़त ने दिनांक २६ अक्टूबर २०२३ को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्यवाही न होने पर पीडि़त ने मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के न्यायालय में १५६(३) सी.आर.पी.सी के तहत प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने धारा ३०२ आई.पी.सी. के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरु कर दी है।

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