
अधिकारियों ने दौरा कर देखी सुरक्षा व्यवस्था
कमालगंज, समृद्धि न्यूज। हजरत शेख मखदूम बुर्राक लंगर जहां रहमतुल्लाह अलैह का 699वाँ उर्स व मेला रवायती अन्दाज में मनाया गया। उर्स में सोमवार को सज्जाददानशीन की पालकी को छडिय़ों के साए में भोजपुर से करीब पांच किलोमीटर दूर शेखपुर लाने के लिए अकीदतमंदों का जोश उमड़ पड़ा।

चिल्लागाह से दरगाह तक नंगे पैर दौड़ते हुए अकीदतमंद आगे बढ़ रहे थे। खासकर बच्चों का जुनून बड़ों पर भी भारी पड़ रहा था। दरगाह में नमाज-ए- असर के बाद दूसरा कुल शरीफ हुआ। मुल्क की बेहतरी व अमनचैन को दुआ की गई। शेखपुर शरीफ स्थित दरगाह मख़दूमिया में हजरत शेख मखदूम बुर्राक लंगरजहां रहमतुल्लाह अलैह के उर्स में सोमवार को सुबह मदारे मुबारक का ग़ुस्लपाक हुआ। इसके बाद फातिहा ख्वानी हुई। जायरीन के आने का सिलसिला शुरू होते ही चादरपोशी व गुलपोशी होने लगी। बाद नमाज जौहर 700 साल पुराने खिरक़ाशरीफ को पांच किलोमीटर दूर भोजपुर स्थित चिल्लागाह पहुंचाया गया। नमाज जौहर व नमाज असर के दरमियान गुसल हुआ। सज्जादानशीन हजरत अजीजुल हक गालिब मियां को खरिक़ा शरीफ पहनाया गया।
बेहोशी के आलम में उन्हें पालकी (डोला) पर लिटाया गया। सबसे पहले हाथ मे छड़ी लेकर बच्चों का समूह आम के बागों व कच्चे रास्ते से कानपुर मार्ग व रेलवे क्रासिंग पार करते हुए शेखपुर में दरगाह मखदूमिया पहुंचा। करीब 10 मिनट तक बीच-बीच में अन्य समूहों में अकीदतमंद नारे तकबीर अल्लाह ओ अकबर ले चल पीर की बुलंद सदाओं के साथ दरगाह पहुंचते रहे। पालकी के दरगाह पहुंचने पर सज्जादानशीन को मजार शरीफ की परिक्रमा कराकर खिरक़ा शरीफ उतारा गया। गलिब मियां के होश में आने पर नमाज-ए-असर हुई। उर्स का दूसरा कुल शरीफ हुआ। देश में अमन चैन खुशहाली की दुआ की गई। उर्स कमेटी मीडिया प्रभारी मो0 मोहसिन शमसी, भुवन बरतरिया, अनस सिद्दीकी, मोहसिन शमसी, बिल्लू श्रीवास्तव आदि कमेटी के सदस्य मौजूद रहे। मेले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंप भी लगाया गया था। सुरक्षा की दृष्टि से थानाध्यक्ष राजेश राय ने मेले का दौरा कर व्यवस्था देखी। कार्यक्रम में तहसीलदार श्रद्धा पाण्डेय, एसडीएम गजराज सिंह आदि अधिकारीगण मौजूद रहे।
