झोलाछाप के साथ लूट व हत्या के मुकदमे में दो अभियुक्तों पर दोषसिद्ध

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। विगत 32 वर्ष पूर्व में एक झोलाछाप के साथ लूट व हत्या के मामले में अपर जिला जज विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने करू उर्फ दीप चन्द्र, लखपतिया निवासी शुकरुल्लापुर को दोषी करार दिया है। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया है। 23 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी।
मैनपुरी जिले के भोगांव निवासी सत्यभान सिंह की नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव मौजमुल्ला में ससुराल थी। नवंबर 1991 में नवाबगंज से सत्यभान सिंह ससुराल जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वह सुसराल नहीं पहुंचा। वह ससुराल में ही रहकर लोगों का इलाज करता था। भाई सुघर सिंह ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। 23 नवंबर 1991 को नवाबगंज के गांव कक्यौली में एक शव पड़ा होने की सूचना मिली। चौकीदार रामनाथ की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। सुघर सिंह ने शव उसके भाई सत्यभान सिंह का होने की शिनाख्त की। सुघर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव शुकुरूल्लापुर निवासी करू उर्फ दीपचंद्र को पुलिस ने पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा। पूछताछ में पता चला कि उसने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर सत्यभान सिंह की हत्या कर शव सड़क किनारे केंद दिया था। सत्यपाल की साइकिल, घंडी व अन्य सामान लूट ले गए थे। करू की निशानदेही पर पुलिस ने एक पेड़ के पास जमीन में दबे रखे सत्यभान सिंह के कपड़ा बरामद किए। पुलिस ने जांच कर करू उर्फ दीपचंद्र, लखपतिया, मजनू कहार व मानसिंह के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमा विचारण के दौरान मजनू और मानसिंह की मौत हो गई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार पांडेय, संजीव कुमार मिश्र, भानू प्रकाश मिश्र की कुशल पैरवी के आधार पर अपर जिला जज विशेष दस्यु प्रभावित न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने लखपतिया व करू उर्फ दीपचंद्र को हत्या व लूट में दोषी करार दिया। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया है। सजा के बिंदु के लिए 23 फरवरी की तिथि नियत की गई है।

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