फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। टे्रन में महिला यात्रियों से झगड़ा करने के विरोध में दबंगों ने एक व्यक्ति को मारपीट कर घायल कर दिया था। इसी मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेन्द्र सिंह ने अभियुक्त अमित कटियार को दोषी करार देते हुए धारा 325 के आरोप में दो वर्ष का कारावास व 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

भगवान सिंह पुत्र श्रीराम ने पुलिस को दी तहरीर में दर्शाया था कि 14 जुलाई 2015 को मैं एक्सप्रेस टे्रन द्वारा बिल्हौर से फर्रुखाबाद आ रहा था। उसी बोगी में एक युवक महिला यात्रियों से झगड़ा कर रहा था। मैंने लडक़ों को डांट दिया था। जिसके बाद सब चुप हो गये। टे्रन फतेहगढ़ प्लेट फार्म पर रुकी, तभी आरोपी लडक़े मेरे ऊपर हमलावर हो गये और लोहे की राड से मारपीट कर दी। जिससे अफरा तफरी मच गयी। मारपीट में मेरे गंभीर चोंटे आयी। मौके पर पहुंची जीआरपी पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गये युवक ने अपना नाम अमित कटियार पुत्र रामतीर्थ निवासी धंसुआ फतेहगढ़ बताया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अमित कटियार, इन्द्रेश कटियार, रोहित कटियार, सोनू उर्फ संदीप कटियार के विरुद्ध 147, 506, 308 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने पीडि़त की चोंटों की रिपोर्ट के आधार पर राड से पीटने पर धारा 325 की बढ़ोत्तरी कर दी। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष व शासकीय अधिकवक्ताओं की कुशल पैरवी के आधार पर विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेन्द्र सिंह ने अभियुक्त अमित कटियार को दोषी करार देते हुए धारा 325 के आरोप में दो वर्ष का कारावास व 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं इन्द्रेश कटियार, रोहित कटियार, सोनू उर्फ संदीप कटियार को साक्ष्य व गवाहों के आधार पर धारा 147, 506, 308 के आरोप में दोष मुक्त कर दिया।
