समृद्धि न्यूज। उप्र शासन द्वारा अगस्त 93 से वर्ष 2000 के मध्य नियुक्त तदर्थ अविनियमित शिक्षकों की सेवा में न रहने तथा वेतन भुगतान न करने के सम्बन्ध शासनादेश 09/11/2023 जारी किया था, जिसे मा. उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने याचिका संख्या 21482/2024 में पारित आदेश दिनांक –04/01/2024 से स्थगित करते हुए अविनियमित तदर्थ शिक्षकों को सेवा में बनाये रखकर वेतन भुगतान के आदेश दिए थे।जिसके विरुद्ध शासन द्वारा मा. उच्च न्यायालय में स्पेशल अपील दाखिल की थी जिस पर सुनवाई करते हुए एकल बैंच के आदेश दिनांक –04/01/2024 को बरकरार रखा। कल प्रथम प्रहर में ही कोर्ट नम्बर 40 में शीर्ष वरियता क्रम 5 पर सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति अश्वनी मिश्र व उनकी खण्डपीठ ने सम्यक ढंग से सुनवाई की। अपर महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी व उनके सहयोगी सभी की दलीलों पर विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता आर सी द्विवेदी, आर के ओझा और अशोक खरे की दलीलें भारी पड़ी। सरकार की अपील डबल बेंच ने खारिज करते हुए सिंगल बेंच के आदेश को बरक़रार रखा।
