अपहरण के मामले में चार को पांच-पांच वर्ष का कारावास

साक्ष्य के अभाव में महिला बरी, पांच आरोपियों की हो चुकी है मौत
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज।
अपहरण के मामले में विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने अभियुक्त कैलाश, राकेश, जगदीश, अहिवरन को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास 75-75 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
मोहम्मदाबाद के ग्राम महोरिकपुर निवासी बिहारी लाल ने कोतवाली मोहम्मदाबाद में 29 अक्टूबर 1992 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें दर्शाया मेरा पुत्र रामप्रकाश दुग्ध समिति का सचिव है। रोजाना की तरह वह गांव से दूध लेकर मतापुर के सुखवासी व पट्टी खुर्द के गजराज के साथ इंटर कॉलेज के पास गया था। लगभग रात 9 बजे दूध की गाड़ी पर दूध लादकर साइकिल से अपने साथी सुखवासी के साथ घर वापस आ रहा था।

सडक़ से गांव की ओर आने वाले चक रोड पर कुछ दूरी पर कुछ आदमी तमंचे लिए खड़े थे और दोनों को घेर लिया तथा पडक़र ले गए। सुखवासी को कुछ दूरी पर ले जाकर छोड़ दिया और मेरे लडक़े को पकड़ ले गए।जब जानकारी हुई तो गांव वालों के साथ आसपास इलाके में खोजबीन की लेकिन उसका पता नहीं चला। पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात में धारा ३६४ के तहत मुकदमा दर्ज किया था। वादी ने पुलिस को बताया कि अपहरणकर्ता शिवमंगल, रामेश्वर दयाल व सोबरन मोटरसाइकिल से मेरे गांव महोरिकपुर स्कूल पर आए और रुपयों की मांग और कहा कि अगर पुलिस को सूचना दी तो तुम्हारे लडक़े को मार देंगे। इस दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को पूछताछ के दौरान पकड़े गए लोगों ने बताया कि राम प्रकाश की पकड़ छिबरामऊ के राकेश व ककरैया के कैलाश कैलाश, हुकुम सिंह, जगदीश व अहिवरन कठेरिया ने मिलकर की है। पकड़े गए लोगों के बताए गए स्थान अहिवरन कठेरिया के घर पट्टी खुर्द गए जहां पता लगा कि अपहृत कैलाश के घर में बंद है। छिबरामऊ स्थित ग्राम ककरैया कैलाश के घर पर शाम 4 बजे पहुंचे। जहां अपहृत राम प्रकाश भूसे की कोठरी में बंद मिला। इस दौरान साक्षी के रूप में दिनेश भी वहां पर मौजूद था। पुलिस ने 10 के विरुद्ध आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। जिसमें शिवमंगल, रामेश्वर दयाल, सोवरन, हुकुम सिंह वह नरेंद्र सिंह कि मुकदमे के दौरान मृत्यु हो चुकी है। वर्तमान समय में अवयुक्तगण दौलती, कैलाश, राकेश, जगदीश व अहिवरन के विरुद्ध विचारण यिका जा रहा है। बचाव पक्ष व शासकीय अधिवक्ता की कुशल पैरवी के आधार पर विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने अभियुक्त कैलाश, राकेश, जगदीश, अहिवरन को धारा 365, 368 के आरोप में दोषी करार देेते हुए पांच-पांच वर्ष का कठोर कारावास व 25-25 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। वहीं धारा 368 सपठित धारा 364 में पांच-पांच वर्ष का कठोर कारावास व 50-50 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *