फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। समाजवादी पार्टी के जिला सचिव नन्दकिशोर दुबे वन्देमातरम ने कहा कि समाजवादी पार्टी में केवल स्वामी प्रसाद मौर्य ही सपा के एक ऐसे नेता थे जो सनातन धर्म के खिलाफ बयानबाजी करते थे। उनके बयानबाजी से सवर्ण समाज सपा से दूरी बना रहा था, लेकिन अब सर्वण समाज समाजवादी पार्टी से दूरी नहीं बनाएगा, क्योंकि सपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा व सपा के एमएलसी पद से स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस्तीफा देकर स्वयं बाहर आ गए।

सपा नेता नन्दकिशोर दुबे वन्देमातरम ने कहा स्वामी प्रसाद मौर्य नकारात्मक राजनीति करते हैं। उन्हें अपनें खुद के समाज व जनता से कोई भी वास्ता नही रहता हैं, इसलिए वह चुनाव के समय जिस पार्टी में होते हैं। उससे इस्तीफा देने का कार्य करते हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य अपनी जो भी राजनीति करते हैं। उस राजनीति में अपनें कों ही बड़ा समझ्ते हैं। बांकी किसी भी नेता कों बड़ा नही मानते हैं। नन्दकिशोर दुबे वन्देमातरम ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य बसपा व भाजपा व सपा में इसी कारण नहीं टिक पाए है। यह उनकी नकारात्मक राजनीति का परिणाम है कि वह आज अकेले हों गए है और वह अपनी नई राजनैतिक पार्टी को बनाने का ऐलान 22 फरवरी को करने जा रहे हैं। यह कहना चाहता हूं कि स्वामी प्रसाद मौर्य के नई पार्टी बना लेने से समाजवादी पार्टी कों कोई फर्क नहीं पडऩे वाला हैं। सपा नेता नन्दकिशोर दुबे वन्देमातरम ने कहा स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा छोडऩे से सपा कों कोई नुकसान नहीं होगा। स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा छोडऩे के बाद सपा और मजबूत हों गई हैं। अब समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सभी 80 लोकसभा सीटों कों जीतेगी।
