निरीक्षण में गहराई समुचित न होने पर की जायेगी कठोर कार्यवाही
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। जिलाधिकारी डॉ0 वी0के0 सिंह की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन की बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गयी।
एक टैंक की आयु 30 वर्ष होती है। 10-22 किलोवॉट के सोलर पम्प, जल उत्कर्ष हेतु उपयोग किये जाते हैं। निर्माण सामग्री का जांच स्थानीय व मुख्यालय दोनों स्तरों पर होती है। एक इंजीनियर 10-12 साइट्स पर निरीक्षण कर सकता है। यह कार्य एक दिवस हेतु निर्धारित है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक गांव में कितने संयोजन देने का लक्ष्य था, कितने दिये गये, दिये कनेक्शन में कितने सक्रिय हैं।

निर्माण सामग्री की जांच रैण्डम तौर पर की जाती है। पाइप भूमि में जितनी गहराई पर डालने हेतु जो गहराई निर्धारित है, तो उसी गहराई पर डालें। निरीक्षण में गहराई समुचित न होने पर कठोर कार्यवाही की जायेगी। कार्य का निरीक्षण थर्ड पार्टी से करायें। संयोजन वितरण, सिविल शाखा का कार्य है। थर्ड पार्टी का कार्य गुणवत्ता जांचना है। जहां पर टैंक बनना है वह पर न्यूनतम 2000 घर अवश्य होने चाहिए। आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनाये रखें। वितरण व्यवस्था में लींकेज न हो। गांव जाने पर जिलाधिकारी निरीक्षण भी करेंगे। व्यवस्था ऐसी बना रखें, जिससे योजना की सफलता 100 प्रतिशत सुनिश्चित हो। पाइप लाइन डालने के बाद मार्ग निर्माण पूर्ववत अवश्य कर दें अन्यथा कठोर कार्यवाही के लिए तैयार रहें। एसडीएम कायमगंज को आवश्यकतानुसार निर्विवाद भूमि जल निगम को उपलब्ध कराने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिये। बैठक में संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
