कमालगंज, समृद्धि न्यूज। सिंघीरामपुर मेले का आज समापन हो गया। महाशिवरात्रि पर दूर-दूर से आये कांवरियों की भारी भीड़ रही। जिससे पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हर साल लगने वाले शिव तेरस के मेले में दूर से कांवरिए जाकर गंगा जी से गंगाजल भरकर गोला गोकर्णनाथ की ओर रवाना हो जाते हैं।
2 से 3 दिनों तक राज्य के हर कोने से कांवरिए जरारी मार्ग एवं सिंघीरामपुर मार्ग से गुजरकर मेले में आते हैं अपने गंतव्य को रवाना हो जाते हैं। कांवरियों के इकट्ठा होने से यहां पर एक मनोरम दृश्य दिखायी देता है। यह स्थान ऐतिहासिक भी है। बताते हैं कि श्रंृगी ऋषि का आश्रम यहीं पर स्थित हैं। यहां पर उन्होंने घोर तपस्या की थी। इसका वर्णन इतिहास में भी मिलता है। यहां पर लगने वाले मेले में दूर-दूर से लोग आकर इस धरा को प्रणाम करते हैं और अपने को धन्य करते हैं। महाशिवरात्रि पर गंगा स्नान करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने जल भरकर मंदिर में चढ़ाया और भगवान भोलेनाथ की आराधना की। पुलिस की भी व्यवस्था कड़ी रही।
